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Baran: जमीनी विवाद के जानलेवा हमले में घायल कांग्रेस नेता की मौत; बारां में बवाल, वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी

Fri, 18 Aug 2023 12:40 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां

सार

कांग्रेस नेता की मौत के बारां में बबाल मच गया। लोगों ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए वाहनों में तोड़फोड़ की और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों और प्रशासन में देर रात को सहमति के बाद आज होगा कांग्रेस नेता का अंतिम संस्कार।
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बारां में घटना को चर्चा करते ग्रामीण। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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बारां जिले के सहकारी समिति के चुनाव के दौरान तैयारियों में जुटे कांग्रेसियों पर जमीनी विवाद के चलते जानलेवा हमले के बाद कांग्रेस नेता दिनेश मीणा की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। कांग्रेस नेता की मौत के बाद बारां में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का हुजूम सड़कों पर उतर आया और वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए आगजनी कर दी गई। जिले के अटरू-खानपुर रोड पर दिन भर चला विरोध प्रदर्शन आखिरकार देर रात प्रशासन और आंदोलनकारियों की वार्ता के बीच बनी सहमति के बाद शांत हुआ। 

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बता दें कि 24 जुलाई को बारां जिले के अटरू थाना क्षेत्र के बमोरी निवासी कांग्रेस नेता दिनेश मीणा झारखंड पर कांग्रेस से ही जुड़े लोगों द्वारा जमीनी विवाद के चलते हमला कर दिया गया था। 15 अगस्त को दिनेश की उपचार के दौरान जयपुर में मौत हो गई। इसके बाद बारां जिले में मीणा समाज के लोग कल सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अटरू खानपुर रोड पर डंडवाड़ा गण के पास कांग्रेस नेता नरेश मीणा के नेतृत्व में जाम लगा दिया। इस दौरान कुछ आक्रोशित युवकों ने सवारियां लेकर गौघाट की तरफ जा रही लोक परिवहन की बस में से सवारियों को उतार बस में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया। 

पुलिस गाड़ी पर भी पथराव
वहीं, घटना की तरफ आ रही एक पुलिस गाड़ी पर भी पथराव कर दिया। पुलिस जीप भी भारी भीड़ का आक्रोश देख मौके से चली गई। घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिनभर तलवार और लाठियां लेकर मीणा समाज के हजारों लोग शव के साथ सड़क पर धरने पर बैठे रहे। आक्रोशित भीड़ के कारण एसपी समेत पुलिस जाप्ता भी धरनास्थल से करीब डेढ़ किमी दूर ही कैंप करना पड़ा।
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जानकारी के अनुसार 24 जुलाई को झारखंड निवासी दिनेश मीणा, उसका चाचा मोहनलाल मीणा, लखन मीणा और सुरेंद्र मीणा सहकारी चुनावों के लिए दो अलग-अलग बाइक से बंबोरी गांव गए थे। वहां से दिनेश और लखन एक बाइक से आटोन की ओर जा रहे थे। जैसे ही बंबोरी में पंकज नागर के घर के पास पंहुचे तो वहां पर पंकज नागर, जगदीश, जगमोहन, ललित, द्वारकालाल अपने 15-20 साथियों के साथ खड़े थे। आरोपियों ने रोना को घेरकर रोक लिया और दिनेश और ललित पर फावड़े से हमला कर दिया। कुछ देर बाद हमलावरों ने दोनों जख्मी नेता पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। कुछ देर बाद दूसरी बाइक से मोहनलाल और सुरेंद्र भी मौके पर पहुंचे तो उन पर हमला कर दिया। घटना में दिनेश झारखंड और मोहनलाल दोनों गंभीर घायल हो गए। दिनेश को कोटा और वहां से जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां दिनेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में ललित, जगदीश, श्यामुरारी और धर्मराज को गिरफ्तार कर लिया है।



वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया
बस में आगजनी की घटना और लोगों के आक्रोश की सूचना पाकर कोटा रेंज आईजी प्रसन्न कुमार खमेसरा, संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह सहित रेंज के कई आलाधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता को पहुंचे। देर रात को सकतपुर के पास प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कांग्रेस नेता नरेश मीणा और समाज के अन्य प्रतिनिधियों की प्रशासन की बातचीत का दौर चला। दोनों ही पक्षों के बीच दिनेश पर हमला करने वाले सभी आरोपियों को 4 दिन के भीतर गिरफ्तार करने, केस में ढिलाई बरतने वाले मौजूदा अटरू थानाधिकारी रामगिलास को बारां जिले से बाहर लगाने और मृतक के परिवार को 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति के बाद देर रात प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोग स्थानीय कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल से खासे नाराज दिखे। लोग उनके खिलाफ नारेबाजी करते रहे। फिलहाल आज मृतक के परिजनों द्वारा शव का दाह संस्कार अटरू में किया जाएगा। प्रशासन की ओर से करीब 4 लाख रुपये की सहायता शुक्रवार को ही सौंपी जाएंगी। इस दौरान भाजपा के पूर्व विधायक कंवरलाल मीना व ललित मीना मौजूद रहे। 
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भारी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात
कांग्रेस नेता दिनेश मीना की हत्या के बाद पुलिस ने भी मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया। इस दौरान जिले के अलावा कोटा, बूंदी, झालावाड़ से पुलिस बल मंगवाया गया। वही मामले में पहले से हंगामे के आसार की आशंका थी। इसके बाद भी पुलिस की ओर से हंगामे को रोकने के लिए कोई करवाई नही की गई।

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