राष्टध्वज को सलामी देना भूले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल
- फोटो : अमर उजाला
गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में अशोक गहलोत सरकार में मंत्री तिरंगे को सलामी देना भूल गए। एक बार कलेक्टर के याद दिलाने पर भी उन्होंने तिरंगे को सैल्यूट नहीं किया। इसके बाद यूडीएच मंत्री का सुरक्षा गार्ड मंच पर पहुंचा और सैल्यूट करने के लिए कहा, राष्ट्रगान के 21 सेकंड बाद उन्होंने तिरंगे को सलामी दी। यह देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
जिले में गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह का आयोजन महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में किया गया था। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। तिरंगा फहराने के बाद 79 साल के मंत्री सैल्यूट करना भूल गए। सैल्यूट करने के लिए उन्हें दो बार याद दिलाना पड़ा। पहले कोटा कलेक्टर हरिमोहन मीणा ने स्टेज पर चढ़कर मंत्री को अपना हाथ उठाकर सैल्यूट करने का इशारा किया। इसके बाद भी काफी देर तक तिरंगे को सैल्यूट नहीं करने पर कलेक्टर हरिमोहन मीणा ने मंत्री के सुरक्षा गार्ड से बात की और सैल्यूट करवाने के लिए कहा। गार्ड मंच पर पहुंचा और उनसे सैल्यूट करने के लिए कहा, फिर उन्होंने चौंकते हुए ऐसा किया। तब तक राष्ट्रगान बजते हुए 21 सेकंड बीत चुके थे।
कई बार मंत्री बन चुके हैं धारीवाल
राष्ट्रीय ध्वज को फहराने का निर्धारित प्रोटोकॉल है। ऐसे में राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री का तिरंगे को सैल्यूट नहीं करना एक बड़ी गलती माना जा रहा है। शांति धारीवाल कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। राजस्थान में कांग्रेस के सत्ता में आने पर उन्हें हर बार मंत्री बनाया गया है। गहलोत सरकार में उन्हें 3 बार कैबिनेट मंत्री बनने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने कई बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया है। ऐसे में उन्हें तिरंगा फहराने के सभी प्रोटोकॉल पता होने चाहिए।