22 वर्षीय युवक मंथन पहली बार तैराकी सीखने फतहसागर गया था। कम गहराई वाले स्वीमिंग पूल में तैराकी सीखने के बजाए वह गहरे फतहसागर में उतर गया, जहां उसकी डूबने से मौत हो गई।
लेकसिटी उदयपुर में शुक्रवार सुबह दो युवकों की पानी में डूबने से मौत हो गई। तड़के 7 बजे पहला हादसा लेक फतहसागर में और इसके महज दो घंटे बाद दूसरी घटना आयड़ स्थित ऐतिहासिक गंगू कुंड में हुई।
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फतहसागर में डूबने वाला 22 वर्षीय युवक मंथन अधिकारी उर्फ पुरु पुत्र देवेंद्र अधिकारी आज पहली बार तैराकी सीखने फतहसागर गया था। पहली बार उसने किसी कम गहराई वाले स्वीमिंग पूल में तैराकी सीखने के बजाए गहरे फतहसागर में तैराकी सीखने का प्रयास किया। परिजनों ने बताया कि तैराकी सीखने मंथन अकेला नहीं गया था। उसके चाचा पुष्कर अधिकारी भी साथ थे।
झील में उतरने से पहले मंथन ने सुरक्षा साधन के तौर पर हवा से भरा गाड़ी का ट्यूब अपनी गरदन में डाल लिया था। हादसे के समय झील के ऊपर खड़े जितेन्द्र भंसाली ने बताया कि जब तक मंथन के गले में ट्यूब था, तब तक वह पानी की सतह पर बना रहा। अचानक ट्यूब उसकी गर्दन से निकल कर पहुंच से दूर हो गया। इसी के साथ नौसिखिया मंथन हाथ पांव पछाड़ता हुआ झील की गहराई में समा गया।
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मंथन के चाचा पुष्कर समेत लगभग 20 लोग उसे डूबता देखते रहे, लेकिन गहरी झील में उतरने का साहस कोई जुटा नहीं पाया। हादसे की सूचना मिलने पर अंबामाता पुलिस पहुंची। ओवरफ्लो के पास पहली छतरी से मंथन झील में उतरा था। पुलिस ने सिविल डिफेंस विभाग को सूचना दी। सिविल डिफेंस के गोताखोरों को मंथन की लाश बाहर निकालने में करीब दो घंटे लगे। बताया गया कि पानी में जलीय घास का जंजाल हो जाने से लाश ढूंढना कठिन हो गया था। पुलिस ने महाराणा भूपाल अस्पताल में पोस्टमार्टम करा मंथन की लाश उसके पिता देवेंद्र अधिकारी को सुपुर्द कर दी। देवेंद्र यहां टेक्नोय मोटर्स में लेखाधिकारी है। पोस्टमार्टम के समय टेक्नोय मोटर्स का स्टाफ मौजूद था। अस्पताल से शव टेकरी स्थित देवेंद्र के घर ले जाया गया।
नहाने गया प्रहलाद चौहान गंगू कुंड में डूबा
पानी में डूबने की दूसरी घटना गंगू कुंड की है। आयड़ स्थित खटीकवाड़ा निवासी 35 वर्षीय प्रहलाद चौहान सुबह 9 बजे गंगू कुंड में कूदा था, लेकिन बाहर नहीं निकला। परिजनों ने बताया कि प्रहलाद नहाने गया था। संभवतः पांव फिसलने से कुंड में गिर पड़ा। कुंड पर मौजूद लोगों का कहना है कि प्रहलाद ने अधिक मात्रा में शराब पी हुई थी। वह नशे में लड़खड़ाता हुआ कुंड पर आया और सीधा पानी में कूद गया। यह हादसा होने तक सिविल डिफेंस के गोताखोर फतहसागर से मंथन की लाश निकाल चुके थे। उन्हीं गोताखोरों ने गंगू कुंड से प्रहलाद चौहान का शव निकाला।