पिछले दिनों उदयपुर राजपरिवार में हुए विवाद और विश्वराज सिंह मेवाड़ के राजतिलक को लेकर बाप सांसद राजकुमार रोत ने बड़ा बयान दिया। रोत ने कहा कि भीलों को दरकिनार कर किया गया कार्यक्रम महाराणा प्रताप और उनका साथ देने वाले भील शहीदों का अपमान है।
राजकुमार रोत शनिवार को बांसवाड़ा क्षेत्र में सांसद बनने के बाद किसी धन्यवाद कार्यक्रम में गए थे। इस दौरान उन्होंने यह बात कही। सांसद रोत ने कहा कि मेवाड़ का जो घटनाक्रम हुआ। जिस तरह से विधाायक पद पर रहते हुए राजतिलक किया गया वह गलत है। लोकतंत्र में यह नहीं होना चाहिए। फिर भी पंपपरा निभाई गई तो ठिक है, हम भी सम्मान करते हैं। इसके बाद राजपरिवार में जो विवाद पथराव हुआ वह पूरे मेवाड़ को शर्मसार करने वाला है। इन लोगों ने महाराणा प्रताप के साथ चले भील और पठान शहीदों को शर्मसार करने वाला काम किया है।
कार्यक्रम से किया भीलों को दरकिनार
भीलों ने हमेशा मेवाड़ राजपरिवार का साथ दिया है। भीलों को पूर्व महाराणाओं ने राजपरिवार के बराबरी का दर्जा दिया है। राज परिवार के राज चिह्न में भी जितना राजपूतों को बराबरी दी गई उतनी भीलों को भी दी गई है। हल्दी घाटी को युद्ध उठाकर देख लो जितना खून बहा है तो भीलों को बहा है और विश्वराज के कार्यक्रम से भीलों को नजरअंदाज रखा गया। कहीं न कहीं वर्तमान में शहीद हुए भीलों और महाराणा प्रताप की भावनाओं के खिलाफ काम हो रहा है।
पिछले दिनों हुआ था विवाद
मेवाड़ राजपरिवार में पिछले दिनों विवाद हुआ था। विश्वराज सिंह मेवाड़ के प्रतिकात्मक राजतिलक के बाद जब वे सिटी पैलेस और एकलिंगजी दर्शन के लिए गए तो उनके चचेरे भाई और अरविंद सिंह मेवाड के बेटे लक्ष्यराज सिंह ने सिटी पैलेस के दरवाजे बंद कर दिए थे। इसका विश्वराज सिंह मेवाड़ और उनके समर्थकों ने जोरदार विरोध कर दिया था। मामले ने इतना तूल पकड़ लिया था कि उस दौरान उदयपुर की सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई थी।
अब सकबुछ शांत, सिर्फ बयानों का बाजार गर्म
विवाद के बाद विश्वराज सिंह ने सिटी पैलेस में दर्शन कर लिए थे। उन्होंने एकलिंग जी में भी निर्बाध दर्शन किए थे। इसके बाद यह मामला शांत हो गया था, लेकिन बयानों का दौर जारी है। घटनाक्रम के बाद लक्ष्यराज सिंह और विश्वराज सिंह ने भी अलग-अलग प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर एक दूसरे पर हमला बोला था। अब आदिवासी नेता राजकुमार रोत ने भी इस मुद्दे पर अपना बयान दिया है।