समर्थकों के बीच भावुक हुए भाजपा नेता नरेंद्र मीणा
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अविभाजित उदयपुर जिले की सलूंबर सीट पर उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बगावत के संकेत सामने आ रहे हैं। पार्टी के नेता नरेंद्र मीणा जिन्हें टिकट नहीं मिला, ने कार्यकर्ताओं के बीच एक बैठक बुलाई, जहां उनकी भावनाएं फूट पड़ीं और वह फूट-फूट कर रोने लगे। मीणा की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उन्होंने पार्टी के लिए वर्षों तक मेहनत की, लेकिन उन्हें उपचुनाव में मौका नहीं दिया गया।
‘...पर उपचुनाव में मौका नहीं दिया गया’
मीणा द्वारा बुलाई गई बैठक में उनके समर्थकों की भीड़ जुटी थी। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के लिए कठिन परिश्रम किया, लेकिन अब मुझे उपचुनाव में मौका नहीं दिया गया। उनकी इस बात से कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई और माहौल बेहद भावुक हो गया। मीणा के समर्थकों ने उन्हें सांत्वना देने की कोशिश की और पार्टी के प्रति विश्वास बनाए रखने की अपील की।
पार्टी के अंदर खींचतान
सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा की पत्नी शांता देवी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि नरेंद्र मीणा भी इस सीट पर प्रबल दावेदार थे। शांता देवी के चयन से मीणा और उनके समर्थकों में असंतोष बढ़ गया है। मीणा ने कहा कि वह पार्टी के प्रति वफादार रहेंगे, लेकिन टिकट न मिलने से वह गहरे आहत हैं।
ये रहेगी आगे की रणनीति
नरेंद्र मीणा ने कहा कि वह सोमवार को अपने कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा करेंगे और इस बारे में निर्णय लेंगे कि वह चुनावी मैदान में उतरेंगे या नहीं। उनके बगावती तेवरों के मद्देनजर भाजपा के वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं, ताकि पार्टी की एकता बनी रहे।
लगातार तीन बार जीत हासिल की भाजपा ने
सलूंबर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा लगातार तीन बार से जीतती आ रही है। यहां से अमृत मीणा तीसरी बार विधायक बने थे, जिनका हाल ही में निधन हो गया। उनकी पत्नी शांता देवी को सहानुभूति का लाभ उठाते हुए प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा की यह रणनीति मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए है, लेकिन मीणा की नाराजगी पार्टी के लिए एक चुनौती बन सकती है।