रावमादड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था देना पुलिस का काम है। फिर भी इससे उनके गांव का अपमान हुआ है। रावमादड़ा में कभी भी किसी भी जाति के दूल्हे को घोड़ी से उतारना तो दूर, अपमान तक नहीं किया गया। उपसरपंच योगेंद्र सिंह राव ने कहा कि हमारे गांव में सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण है। पहले कभी किसी जाति विशेष के साथ इस तरह की घटना नहीं की गई। सिर्फ पुलिसिया रौब झाड़ने और पब्लिसिटी पाने के लिए दूल्हे कमलेश ने गांव की छवि को धूमिल कर दिया।