Rajasthan News: उदयपुर के शिल्पी डॉ. इकबाल सक्का ने चांदी पर महज एक सेंटीमीटर का तिरंगा बनाया है, जिसमें ओम, अल्लाह, खंडा और क्रॉस उकेरे गए हैं। उन्होंने इसे कौमी एकता और विश्व शांति का प्रतीक बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट को भेंट करने की इच्छा जताई है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय शिल्पी और 211 विश्व रिकॉर्ड होल्डर प्रोफेसर डॉ. इकबाल सक्का ने अपनी अनूठी कलाकृति के जरिए कौमी एकता और विश्व शांति का संदेश दिया है। डॉ. सक्का ने महज 1 सेंटीमीटर आकार का तिरंगा चांदी पर तैयार किया है, जिसे लेंस की मदद से ही स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
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राई के दाने से भी छोटी कटिंग में चार धार्मिक प्रतीक
इस अनोखे तिरंगे में उन्होंने राई के दाने से भी छोटी कटिंग कर चांदी पर ओम, अरबी में 'अल्लाह', सिख धर्म का खंडा और ईसाई धर्म का क्रॉस उकेरा है। चारों धार्मिक प्रतीकों को तिरंगे में शामिल कर उन्होंने देश की एकता और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया है।
36 घंटे की मेहनत, चांदी और तांबे से तैयार कलाकृति
डॉ. सक्का के अनुसार, इस सूक्ष्म कलाकृति को तैयार करने में करीब 36 घंटे का समय लगा। इसे बनाने में लगभग 1 ग्राम चांदी और 1 ग्राम तांबे का इस्तेमाल किया गया है। इतने छोटे आकार में धार्मिक प्रतीकों को उकेरना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके लिए बारीक कटिंग और बेहद सूक्ष्म कारीगरी का इस्तेमाल किया गया।
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विविधता और भाईचारे को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश
डॉ. सक्का का कहना है कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई मिल-जुलकर रहते हैं। इसी भावना को उन्होंने अपनी कलाकृति के जरिए दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि जिस तरह भारत में अलग-अलग धर्मों के लोग प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं, उसी तरह पूरी दुनिया में भी शांति, प्रेम और सद्भाव कायम होना चाहिए।
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राजस्थान हाईकोर्ट को भेंट करना चाहते हैं कलाकृति
डॉ. इकबाल सक्का ने इस अनमोल कलाकृति को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर को भेंट करने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने पत्र के माध्यम से न्यायालय से संपर्क भी किया है।