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Alwar: आठ घंटे बाद भी हेलीकॉप्टर से नहीं बुझ पाई सरिस्का की आग, अन्य जिलों से फॉरेस्ट स्टाफ को बुलाया गया

Tue, 29 Mar 2022 06:43 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर ने सरिस्का वन क्षेत्र में लगी आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन हवा के कारण आग 20 किमी तक फैल गई है।
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सरिस्का के जंगलों में लगी आग - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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अलवर के सरिस्का के जंगलों में रविवार को भीषण आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए वायुसेना की मदद ली गई। सेना के दो हेलीकॉप्टर आग बुझाने में सुबह दस बजे से जुटे थे लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। रात में हेलीकॉप्टर से आग नहीं बुझा सकते इसलिए जयपुर, दौसा, अलवर से फॉरेस्ट स्टाफ को सरिस्का रवाना किया गया है। 

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सोमवार तड़के करीब 5 बजे 12 घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया था। लेकिन सोमवार को दिन में तेज हवा चलने के कारण अचानक आग सुलग गई और देर रात तक आग बेकाबू हो गई। जंगल में लगी आग नियंत्रण से बाहर होने के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से सैन्य सहयोग, एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफार्म और हेलीकॉप्टर प्रेशर से पानी की बौछार किए जाने के लिए सहयोग मांगा।


सिलीसेढ़ झील से पानी लेकर बुझाई जा रही आग

इसके बाद वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर आग बुझाने के लिए अलवर पहुंचे। सिलीसेढ़ झील से पानी लेकर सरिस्का के जंगलों की आग बुझाने की कोशिश की गई। सरिस्का प्रशासन ने वायु सेना के हेलीकॉप्टर चालकों को जीपीएस उपलब्ध करवाई। जिसकी सहायता से वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से जंगल में आग बुझाने का प्रयास किया।

  
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सुबह फिर से हेलिकॉप्टर से आग पर काबू पाने की होगी कोशिश

प्रशासन के लिए आग के साथ सबसे बड़ी चिंता टाइगर एसटी 17 है। जिसके शावकों के साथ आग के इलाके में ही मूवमेंट देखा जाता रहा है। जयपुर से श्रेय गुहा निरंतर फॉरेस्ट ऑफिसर से संपर्क में बनी हुई हैं और निरंतर सभी अवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करवा रही है। बुधवार की सुबह की पहली किरण के साथ ही हेलीकॉप्टर से आग पर काबू पाने का  फिर से प्रयास किया जाएगा।

सरिस्का के जंगलों में लगी आग - फोटो : Amar Ujala Digital
फिलिंग की है व्यवस्था
प्रशासन ने एटीएफ को लेकर बैकअप प्लान भी तैयार  कर रखा है। एडीएम सिटी सुनीता पंकज ने बताया कि एयरफोर्स की तरफ से हेलीकॉप्टरों में फ्यूल के दिक्कत न हो। उसके लिए अलग से फ्यूल फील करने के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजा। जिससे आग बुझाने के काम में किसी भी तरह की दिक्कत न हो सके।

वनस्पति और वनजीवों को भारी नुकसान
सरिस्का के क्षेत्र निदेशक आरएन मीणा ने बताया कि रविवार को बाघ परियोजना सरिस्का  की अकबरपुर रेंज के बालेटा- पृथ्वीपुरा नाका के आसपास क्षेत्रों में सूखी घास और पौधों में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। आग को बुझाने के लिए फायर लाइन बनाने के साथ अन्य प्रयास किए गए लेकिन आग नियंत्रण से बाहर होने के कारण सोमवार रात तक इस पर काबू नहीं पाया जा सका था।
 
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सरिस्का के जंगल में लगी आग - फोटो : ANI
इस क्षेत्र में आग लगने से वन-वनस्पति, घास, छोटी झाड़ियां, बांस, सालर, धोक के वृक्ष और अन्य प्रजातियों के साथ वन्यजीवों के आवास को भी क्षति पहुंची है। परेशानी की बात ये है कि आग वाला जंगल बाघिन एसटी-17 और उसके पिछले दिनों जन्में दो शावकों का विचरण क्षेत्र भी है।
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