2005 में तीनों बहनों का हुआ था बाल विवाह
साल 2005 में तीनों बहनों का बाल विवाह हुआ था। जयपुर के दूदू के रहने वाले एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों से तीनों बहनों की शादी हुई थी। उस समय तीनों बहने ही नाबालिग थी। शादी के कुछ समय बाद बड़ी बहन कालू देवी ससुराल आ गई थी, लेकिन ममता और कमलेश का सालभर पहले ही गौना हुआ था।
25 मई को एक साथ घर से निकली थीं
तीनों सगी बहनें दूदू के मीणों के मोहल्ले से 25 मई को बाजार जाने की बात कहकर गईं थीं। उनके साथ दो बच्चे भी थे। 25 तारीख को ही सबसे बड़ी बहन कालू देवी का कुआं पूजन का कार्यक्रम था। घर में कई रिश्तेदार की भीड़ थी, लेकिन काफी देर तक वह वापस नहीं आईं। इसके बाद ससुराल वालों ने पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने नरैना रोड पर लगे सीसीटीवी में करीब 1.30 उन्हें देखा गया। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। शनिवार सुबह सुखी तलाई के पास गोपाल स्याग के कुंए में पांचों के शव मिले।
मरने वालों में एक 20 दिन का बच्चा भी
मरने वाली तीनों बहनों में कालू देवी (27) पत्नी नरसी राम मीणा सबसे बड़ी थी। उसके दो बेटे थे, हर्षित तीन साल का और दूसरा बेटा 20 दिन का था। वह दोनों बच्चों के साथ कुंए में कूद गई थी। इससे छोटी बहन ममता देवी 23 पत्नी जगदीश मीणा और कमलेश देवी 20 पत्नी मुकेश मीणा साल की थी। यह दोनों बहने ही गर्भवती थीं। एक बहन आठ और दूसरी नौ महीने की गर्भवती थी।
दहेज प्रताड़ना केस भी कराया था दर्ज
ममता और कमलेश का एक साल पहले ही गौना हुआ था। बड़ी बहन कालू शादी के कुछ साल बाद ससुराल आ गई थी। 2012 में उसने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज कराया था, लेकिन समाज के दबाव में आकर राजीनामा करना पड़ा। बताया यह भी जा रहा है कि दो महीने पहले भी मुकेश ने पत्नी कालू के साथ मारपीट की थी। उस समय वह गर्भवती भी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में भी सामने आया है कि तीनों बहनों के पति शराब पीकर उनके साथ अक्सर मारपीट करते थे।