कोटा के बोरखेड़ा इलाके में मां- बेटे ने आत्महत्या कर ली। दो दिन बाद घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम घर का दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो दोनों के शव पड़े हुए मिले। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
बोरखेड़ा थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया की बोरखेड़ा 80 फीट रोड पर स्थित पुखराज डिवाइन मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के फ्लैट में सतविंदर कौर (50) बेटे रोबिन (29) के साथ किराए पर रहती थी। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने मां बेटे को आखिरी बार गुरुवार को साथ देखा था। जिसके बाद से दोनों नजर नहीं आए। दो दिन से दोनों किसी का कॉल भी नहीं उठा रहे थे। फ्लैट से बदबू आने पर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद सूचना देकर पुलिस के बुलाया गया था।
पुलिस की टीम दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो दोनों के शव पड़े हुए मिले। संभावना जताई जा रही है की दो दिन पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। मां और बेटा किराए के फ्लैट में रहते थे। घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है। लेकिन, रोबिन की एक डायरी मिली है, जिसमें उसके बिजनेस से संबंधित जानकारी दी गई है। डायरी में तारीख के साथ स्थान और इवेंट के बारे में बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि सतविंदर कौर के पति का कोरोना काल में मौत हो गई थी। परिवार में ये दोनों मां बेटे ही बचे थे। मृतका के पति का कोटा के गुमानपुरा में कपड़ों की दुकान और शराब का व्यवसाय था, जो बीमारी और निधन के बाद बंद हो गया था। बताया जा रहा है कि रोबिन पर कुछ कर्जा भी हो गया था। रुपये वापस लेने के लिए लोग उसे परेशान करते थे। इससे तंग आकर करीब एक साल पहले वह छोड़कर चला गया था। सेटलमेंट कर करीब छह महीने पहले ही दोनों मां बेटे कोटा वापस आए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि तंगी से परेशान हो कर दोनों आत्महत्या कर ली।