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Bikaner: दूसरे दिन श्रमिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार की नीतियों पर जताया रोष

Tue, 29 Mar 2022 08:35 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

राजस्थान इंटक संयुक्त सचिव रमेश व्यास ने बताया कि देश में महंगाई चरम सीमा पर है। जिससे आम-आदमी और गरीब परिवारों का जीना दूभर हो गया है।
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बीकानेर में धरना - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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बीकानेर के केंद्रीय संगठनों के आह्वान पर दो दिन की हड़ताल के दूसरे दिन श्रमिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर रोष जताते हुए कहा कि वर्तमान दौर में बढ़ रही महंगाई आम आदमी का जीना मुश्किल कर रही है। 

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कलेक्ट्रेट पर हुई सभा में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू ), एफसीआई लेबर यूनियन और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की भागीदारी रही। इन संगठनों ने श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की बात कही। राजस्थान इंटक संयुक्त सचिव रमेश व्यास ने बताया कि देश में महंगाई चरम सीमा पर है। जिससे आम-आदमी और गरीब परिवारों का जीना दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल सहित खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है, जबकि केन्द्र सरकार अपने स्वार्थ के लिए और केवल निजीकरण की ओर ध्यान दे रही है। 


व्यास ने कहा कि केंद्र सरकार धना सेठों की गोद में बैठकर विकास की बात करती है लेकिन देश में विनाश हो रहा है। व्यास ने कहा कि केन्द्र सरकार गरीब परिवारों को मुफ्त में राशन देने की बात कहती है। जबकि हमारी मांग है कि मुफ्त राशन न देकर गरीब परिवार के लोगों को रोजगार दिया जाए। जिससे वे अपने पैसों की अपने मेहनत की कमाई खा सके। केंद्र सरकार मुफ्त का राशन देकर गरीब लोगों को आलसी बना रही है। 

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व्यास ने कहा कि हमारी मांग है कि देश में बेरोजगारों के लिए नई योजनाएं लाई जाए। जिससे रोजगार दिया जा सके, देश में हो रहे निजीकरण को खत्म किया जाए क्योंकि निजीकरण से आम-आदमी का जीना मुहाल हो गया है। व्यास ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो पूरे भारत के चक्का जाम कर देंगे।

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