टोंक जिले की दूनी तहसील के चन्दवाड़ पंचायत अंतर्गत ठिकरिया गांव में खेत की मेड़ पर लगी झटका मशीन के करंट से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। किसान रोजाना की तरह खेत में काम समाप्त कर घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।
शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों को हुई चिंता
जानकारी के मुताबिक, घाड़ थाना क्षेत्र के ठिकरिया गांव निवासी किसान प्रभु बैरवा (65) पुत्र गोपीचंद बैरवा सोमवार को अन्य दिनों की तरह अपने खेत में सरसों की कटाई करने गया था। परिजनों के अनुसार वह आमतौर पर शाम 6 से 7 बजे के बीच घर लौट आता था, लेकिन सोमवार शाम 7 बजे के बाद भी घर नहीं पहुंचा तो परिजन चिंतित हो गए।
तलाश में खेत पहुंचे तो मिला करंट से झुलसा शव
इसके बाद परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में खेतों की ओर निकले। तलाश के दौरान प्रभु बैरवा एक अन्य किसान के खेत की मेड़ पर जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाई गई झटका मशीन के तारों में फंसा हुआ मिला। तारों में करंट दौड़ रहा था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने शव अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को दूनी अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने औपचारिक रूप से उसे मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है और मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
किसान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिवार के सदस्य सोमवार रात से ही दूनी अस्पताल में डटे हुए हैं। गांव में इस घटना के बाद शोक की लहर फैल गई है और माहौल गमगीन बना हुआ है।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही झटका मशीन लगाने वाले खेत मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय जानवरों से फसल बचाने के लिए तारों में करंट छोड़ा जाता है, जिससे इस तरह के हादसे हो रहे हैं।
मृतक प्रभु बैरवा के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़े बेटे का नाम ब्रह्मा बैरवा (45), छोटे बेटे का नाम विष्णु बैरवा (30) और बेटी कांता (28) है। पिता की असमय मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।