कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व उप मुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सशक्त विपक्ष और स्वस्थ संवाद अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह विचार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं किसान नेता दिवंगत राजेश पायलट की जयंती के अवसर पर टोंक में आयोजित निःशुल्क दिव्यांग सहायता सामग्री वितरण शिविर के उद्घाटन के दौरान व्यक्त किए।
सेवा की भावना को साकार करने वाली संस्थाएं प्रेरणास्रोत
सचिन पायलट ने कहा कि हम सभी के मन में गरीब और असहाय लोगों की मदद करने की भावना होती है, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो इसे व्यवहार में उतार पाते हैं। श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ऐसी ही संस्था है, जिसने अनेकों दिव्यांगजनों को अपने पैरों पर खड़ा कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। कार्यक्रम में समिति के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. डी.आर. मेहता सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
दिवंगत राजेश पायलट के जीवन से सीख
दिवंगत राजेश पायलट को याद करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि एक साधारण और गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति भी मेहनत और लगन से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। उनकी सोच थी कि समाज के साथ जुड़े रहकर, सभी को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। उन्होंने राजनीति में शिक्षित और समझदार लोगों के आगे आने और जनसेवा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
पढ़ें- जयपुर में दो जापानी पर्यटक लापता: रेस्टोरेंट जाने के बाद नहीं लौटे; टैक्सी चालक की शिकायत पर FIR दर्ज
राजनीति में बढ़ती कटुता पर चिंता
सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचारधाराओं के लोग चुनाव लड़ते हैं, लेकिन आज प्रतिस्पर्धा धीरे-धीरे नफरत में बदलती जा रही है। राजनीति में बढ़ता तनाव और टकराव शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि आलोचना करना, सवाल पूछना और जिम्मेदारी तय करना विपक्ष की भूमिका रही है और मजबूत विपक्ष के बिना स्वस्थ लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती।
तीन दिवसीय शिविर में दिव्यांगों को मिल रही सहायता
उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी से 12 फरवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय शिविर में दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी, कैलिपर्स, सामान्य ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और वॉकर का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।