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Tonk : एक सप्ताह बाद तीन किमी दूर से मिला बस चालक का शव, बीमार हुई एसडीआरएफ टीम, इंजेक्शन लगाकर किया रेस्क्यू

Wed, 14 Aug 2024 08:17 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक

सार

एक सप्ताह पहले टोंक के टोरडी सागर बांध के ओवरफ्लो में बहे रोडवेज चालक का शव कल मिल गया। एसडीआरएफ टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से तीन किमी दूर पानी से शव को ढूंढ निकाला।
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टोंक जिले में लांबा हरिसिंह थाना क्षेत्र में 6 अगस्त को टोरडी सागर बांध के ओवर फ्लो में बहे रोडवेज चालक का शव मंगलवार को मिल गया। आठ दिन की कड़ी मशक्क्त के बाद मंगलवार दोपहर को एसडीआरएफ की टीम ने शव खोज निकाला। घटना स्थल से करीब 3 किमी दूर पानी में पड़ा रहने से शव काफी सड़ांध मार रहा है। 

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पूरे एक सप्ताह तक रोजाना 12 घंटे चला यह रेस्क्यू अभियान इस साल का सबसे बड़ा शव रेस्क्यू है। इस अभियान के एसडीआरएफ टीम बीमार पड़ गई। जवान आए दिन इंजेक्शन लगाकर चालक को तलाशने में जुटे रहे और आखिर कल इन्हें सफलता मिली गई। टीम के राजेंद्र कुमार गुर्जर ने बताया कि करीब आठ से दस फीट भराव वाले बहते पानी में शव तलाशना बहुत चुनौती भरा कार्य था।

ज्ञात रहे कि टोंक जिले के दतोब निवासी मुकेश कुमार बलाई (31) वैशाली नगर जयपुर बस डिपो की अनुबंध बस चलाता था। यह चालक प्राइवेट था। इसमें परिचालक रोडवेज निगम का था।  यह बस 4 अगस्त को केकड़ी की ओर ब्रेक डाउन हो गई थी। उसके बाद परिचालक तो उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार डिपो में आ गया था, वहीं चालक मुकेश उसके मालिक से बात कर वहीं रुक गया था। बाद में अज्ञात स्थान पर बस को ठीक करवाकर 6 अगस्त को सुबह 4 बजे वह बस को अकेला ही जयपुर की ओर ले जा रहा था। इस दौरान तेज बारिश के बाद टोरडी सागर बांध का ओवर फ्लो पानी रोड पर तेज बहाव से करीब 3 फीट पानी बह रहा था। तेज बहाव में बस निकालने से वह तेज बहाव में करीब 30 बहकर पलट गई। 
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उस समय चालक जैसे-तैसे जान बचाकर बस के ऊपर चढ़ गया। करीब आधे घंटे बाद सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम और अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसके रेस्क्यू शुरू किया। पानी के तेज बहाव में एसडीआरएफ का जवान कमर में रस्सी बांधकर  एक अतिरिक्त जैकेट, ट्यूब लेकर बस के पास गया और बस के पीछे की बैठे चालक को आगे आने का इशारा किया और बताया कि उसे जैकेट पहनना है फिर कमर पर रस्सी बांधना है। उसके बाद ट्यूब पर बैठना है ताकि रेस्क्यू सफल रहे लेकिन चालक एसडीआरएफ के जवान के नजदीक आते ही बिना जैकेट पहने ट्यूब पर कूद पड़ा। उसके बाद भी एसडीआरएफ के जवान ने उसे पकड़ लिया फिर बाहर रोड पर खड़े जवानों ने रस्सी खींचना शुरू किया। इस दौरान कुछ दूरी तक चालक एसडीआरएफ जवान की पकड़ में रहा, लेकिन आठ-दस फीट की दूरी पर ही चालक जवान की गिरफ्त से छूट गया और उसके बाद बह गया।

टीम के राजेंद्र गुर्जर ने बताया कि घटना के बाद से ही एसडीआरएफ की टीम उसे तलाश रही है, वह तो नहीं मिला लेकिन 8 अगस्त शाम  को उसका बैग घटना स्थल से करीब सौ मीटर दूरी पर उसका बैग मिला, जिसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया था और कल घटना स्थल से करीब 3 किमी दूर चालक का शव मिल गया।

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