भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में जलदाय विभाग के तीन अधिकारियों को एक ठेकेदार से 71 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपी अधिकारियों द्वारा ठेकेदार बीएन शर्मा से कार्यादेश देने के एवज में रिश्वत लेने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
एसीबी की महानिरीक्षक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि ठेकेदार बीएन शर्मा ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनसे कार्यादेश देने की एवज में 70 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी।
शर्मा को दो निविदाओं के माध्यम से 64 लाख रुपए के कार्यदेश मिले थे। पहले भी इनके कार्यादेश निरस्त किए जा चुके है।
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने विशेष यूनिट के उप अधीक्षक महेन्द्र सिंह हरसाना के नेतृत्व में गुरुवार को छापेमारी की।
एसीबी ने जलदाय विभाग में कार्यरत अधिशाषी अभियन्ता जीआर गुप्ता को 50 हजार, अधीक्षण अभियन्ता के पीए दिनेश अरोड़ा को 11 हजार तथा कनिष्ठ लेखाकार दिनेश मक्कड़ को 10 हजार रुपए घूस लेते गांधी नगर कार्यलय में रंगेहाथों पकड़ा।
जीआर गुप्ता के वैशाली नगर में गंगासागर कॉलोनी स्थित आवास, पीए के मानसरोवर में सेक्टर 84 और कनिष्ठ लेखाकार के पोलोविक्ट्री हाथी बाबू का बाग स्थित आवास पर देर रात तक तलाशी जारी थी।
एसीबी ने गुप्ता के घर से प्लॉटों के कागजात और 1.37 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। तीनों आरोपी गांधीनगर स्थित जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कार्यरत हैं।
एसीबी को वर्क आर्डर रजिस्टर की जांच में यह भी पता चला कि कई और ठेकेदारों से भी वसूली की गई है। रजिस्टर में कई जगह पर खाली जगह छोड़ी गई है, ताकि ठेकेदार से सैटिंग होने पर बेक डेट में वर्क आर्डर दिया जा सके।
एसीबी ने गांधी नगर स्थित कार्यालय से वर्क ऑर्डर देने संबंधी पूरा रिकॉर्ड जब्त कर लिया है।