सार
आंदोलन स्थल से 500 मीटर दूर मोहन सिंह सैनी नाम के व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला था। जिसके बाद उसके परिजन भी आंदोलन स्थल पहुंच गए। कमेटी की तरफ से अंजलि सैनी ने चार मांग राज्य सरकार के सामने रखी हैं, जिन्हें पूरा करने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा।
भरतपुर जिले में जारी आंदोलन में एक युवक ने मंगलवार सुबह सुसाइड कर लिया था। नेशनल हाईवे-21 पर आरोदा में कंधार गांव का रहने वाला मोहन सैनी (42) का शव सुबह 5.30 बजे पेड़ से लटका मिला था, जिस वजह से वहां हंगामा खड़ा हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।
सीआई राधेश्याम सांखला मृतकों के परिजनों के साथ बात करने गए थे। यहां आंदोलन कमेटी की सदस्य अंजलि सैनी ने सरकार के सामने चार शर्तें रख दीं है। यह है अंजलि की चार शर्तें-
- मृतक मोहन सैनी को शहीद का दर्जा दिया जाए।
- मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए की मदद की जाए।
- मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए।
- उन्हें 12 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाए।
सीआई सांखला का कहना है कि कमेटी की मांगों को हमने प्रशासन तक भिजवा दिया है। इसके बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह है पूरा मामला
भरतपुर जिले के नेशनल हाईवे-21 के अरोदा में प्रदर्शन किया जा रहा है। आंदोलन में माली, सैनी, कुशवाहा, शाक्य, मौर्या समाज के लोग शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें 12% आरक्षण दिया जाए। मंगलवार को प्रदर्शन का पांचवा दिन है।
मृतक के बारे में बोले अपशब्द
मृतक के परिजन भी प्रदर्शन में शामिल हो गए थे। इसी दौरान थोड़ी देर बाद बेरी गांव का सोनू शर्मा वहां आया। जहां मृतक मोहन के परिजन भी प्रदर्शन में बैठे थे। सोनू वहां आकर मृतक के खिलाफ अपशब्द बोलने लगा। वहां मौजूद लोगों ने उसे समझाया भी लेकिन वह फिर भी गाली-गलौज करता रहा, जिस वजह से वहां मौजूद लोग उग्र हो गए। लोगों को उग्र देख सोनू वहां से भाग गया, प्रदर्शनकारियों ने भी उसका पीछा किया। वह दूर था, इसलिए कुछ लोगों ने उसपर पथराव किया और पकड़कर उसके साथ मारपीट करने लगे। हालांकि, बाद में उसे हमने पुलिस के हवाले कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि वह व्यक्ति कल भी यहां आया था, कल भी उसने अभद्रता की थी।