अपनी विभिन मांगों को लेकर गुरुवार को जैसलमेर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने से शहर के कई भागों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है तथा कई जगह कचरे के ढेर तथा गंदगी देखने को मिल रही हैं। सुबह 10 बजे से ही वाल्मीकि समाज की महिलाओं सहित सैंकड़ो सफाई कर्मी नगर परिषद में इकट्ठा होने शुरू हो गए तथा नगर परिषद का घेराव कर दिया।
सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान में 30 हजार सफाई कर्मियों की भर्ती निकाली है, उसमें 13 हजार भर्तियों का आरक्षण वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य समाजों के लिए रखा है, जो कि सरासर गलत है। इस वजह से वाल्मीकि समाज द्वारा ये धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा पूर्व में जो दूसरे समाजों के लोग सफाई कर्मी के तौर पर लगे हुए हैं, वो सफाई का कार्य न करके ऑफिस में बैठे रहते हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
जिला मुख्यालय से ज्यादा पद उपखंड मुख्यालय पर रखे...
महिला सफाई कर्मी शिला का कहना है कि यहां पर भर्तियां बहुत कम निकाली गई हैं। पोकरण छोटा सा कस्बा है। वहां पर पोस्ट जैसलमेर से भी ज्यादा निकाली गई है। जैसलमेर में भर्तियों में बढ़ोतरी की मांग की।