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Rajasthan News: नौ साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी को रखा कायम, सिर पटककर की थी हत्या

Fri, 24 Jun 2022 07:07 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सजा कायम रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरह यह अपराध किया गया है, वह क्रूरतम है। अंतरात्मा को आहत करने वाला अपराध है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नौ साल पुराने एक दुष्कर्म मामले में दोषी की फांसी की सजा को कायम रखा है। यह मामला साढ़े साल की मानसिक और शारीरिक दिव्यांग मासूम से जुड़ा है, जिसका किडनैपिंग के बाद दुष्कर्म किया गया था। इसके बाद उसका सिर पटककर हत्या कर दी गई थी।
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जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और सीटी रविकुमार ने 29 मई 2015 के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को कायम रखा, जिसमें दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई थी। मामला 17 जनवरी 2013 का है, जब दोषी ने साढ़े सात साल की नाबालिग का अपहरण किया, उसके साथ ज्यादती की और फिर बड़ी बेरहमी के साथ उसकी हत्या कर दी थी।
 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरह यह अपराध किया गया है, वह क्रूरतम है। अंतरात्मा को आहत करने वाला अपराध है। साढ़े सात साल की मानसिक और शारीरिक दिव्यांग मासूम के साथ जो हुआ, वह कोई निर्दयी ही कर सकता है। हत्या करने का तरीका देखिए, असहाय पीड़ित का सिर पटककर मार डाला गया। उसकी खोपड़ी में फ्रेक्चर आ गए थे। 
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हाईकोर्ट ने इस मामले को दुर्लभतम (रेअरेस्ट ऑफ रेअर) की श्रेणी में रखा था। साथ ही सेशंस कोर्ट के आदेश को कायम रखा था। हाईकोर्ट ने कहा था कि हमारी राय में सेशंस कोर्ट ने जो आदेश पारित किया है, उसमें कोई त्रुटि नहीं है।
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