श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद से राजस्थान में तनाव के हालात हैं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जयपुर में गोगामेड़ी की पत्नी परिवार के सदस्यों और समर्थकों के साथ धरने पर बैठीं हुईं है। हत्याकांड के करीब 28 घंटे बाद जयपुर की श्याम नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। सुखदेव सिंह की पत्नी शीला शेखावत की ओर से ये केस दर्ज कराया गया है। इस दौरान मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना खत्म की बात सामने आई थी। लेकिन, सुखदेव की पत्नी ने धरना खत्म करने से साफ इनकार कर दिया है।
क्या बोली सुखदेव की पत्नी?
समर्थकों के बीच अपनी बात रखते हुए शीला शेखावत ने कहा- जब तक हमारी मांगों पर सहमति नहीं बनती तब तक हम यहां से नहीं हिलेंगे। इन लोगों को हमारी मांगें पूरी न करनी पड़ें, इसलिए ये आश्वासन देकर हमें यहां से भगा रहे हैं। अगर, ये सब न हुआ होता तो मैं आप लोगों के बीच आकर रो नहीं रही होती। इन लोगों ने दगा किया है। दगा करके शेर (सुखदेव) को गीदड़ो ने मारा है। इसलिए जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं यहा से हिलना नहीं है। अगर, आंदोलन उग्र करना पड़ा तो वह भी करेंगे।
सुरक्षा नहीं देने के कारण हुई हत्या
शीला की ओर से दी गई शिकायत में निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान के डीजीपी का भी जिक्र है। एफआईआर में कहा गया है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डीजीपी से सुरक्षा मांगी थी। लेकिन, जिम्मेदारों की तरफ से जानबूझकर सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई। पंजाब पुलिस, एटीएस समेत अन्य पत्रों का जिक्र करते हुए कहा गया कि जब सबने हमले की चेतावनी दी थी तो सुरक्षा क्यों नहीं मिली। सुरक्षा नहीं मिलने के कारण ही 5 दिसंबर की दोपहर मिलने के बहाने आए कुछ लोगों ने सुखदेव की हत्या कर दी।
पाकिस्तान से जुड़े सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या के तार, क्यों NIA को सौंपी गई जांच?
समाज के प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच इन मांगों पर बनी थी सहमति
- दोनों हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
- आपराधिक साजिश में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- हत्याकांड की जांच एनआईए से कराई जाएगी।
- सुरक्षा की मांग को दरकिनार करने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जांच के बाद केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट से करवाया जाएगा।
- घटना के पहले और बाद में लापरवाही बरतने के संबंध में विभागीय जांच की जाएगी।
- परिजनों को आर्थिक सहायता देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी
- घायल सुरक्षा गार्ड अजीत सिंह के परिजनों को भी आर्थिक सहायता दिलाने के लिए सरकार से अनुशंसा की जाएगी
- सुखदेव सिंह के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा दिलाई जाएगी
- सुखदेव सिंह के जयपुर और हनुमागढ़ में रहने वाले परिवार के सदस्यों को हथियार का लाइसेंस दिया जाएगा,
- आवेदन 10 दिन में स्वीकृत किया जाएगा समेत अन्य मांगों पर सहमति बनी थी