राजस्थान के जयपुर के एयरपोर्ट थाने में सुदर्शन राव नाम बताकर एक व्यक्ति ने गुरुवार को मोबाइल और पर्स लूट का केस दर्ज कराया था। पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में उसने बताया कि होटल जाने के लिए उसने एयरपोर्ट से कार बुक कराई थी। रास्ते में कार चालक ने तीन अन्य लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
केस दर्ज कराने के बाद व्यक्ति होटल रेडिसनब्लू चला गया। यहां बिल चुकाने की बात को लेकर उसका होटल प्रबंधन से विवाद हो गया। होटल प्रबंधन के कर्मचारियों धौंस दिखाते हुए उसने खुद को राष्ट्रपति भवन में तैनात एनआईए का सब इंस्पेक्टर बताया। मामला ज्यादा बढ़ा तो प्रबंधन ने इसकी सूचना जवाहर सर्किल थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो इस व्यक्ति की पूरी पोल खुल गई।
जवाहर सर्किल थाना प्रभारी सुरेंद्र सैनी ने बताया कि सुदर्शन राव नाम बताकर एयरपोर्ट थाने में केस दर्ज कराने वाले युवक का असली नाम सुधीर है। वह बीटेक का छात्र है और विशाखापट्टनम का रहने वाले है। 20 फरवरी को फ्लाइट से विशाखापट्टनम से अहमदाबाद-मुम्बई, गोवा होते हुए 23 को जयपुर पहुंचा था। जहां से वह पहले शाहपुरा चला गया। वहां से वापस आकर उसने एयरपोर्ट थाने में लूट का फर्जी केस दर्ज कराया और फिर रेडीसन ब्लू होटल चला गया।
जहां उसने वह होटल के कमरे में रुका और खाना भी खाया। शुक्रवार शाम को होटल से चेकआउट करते समय उसकी बिल देने के लिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर दिया। होटल स्टाफ ने पेमेंट नहीं होने की बात कही तो वह उन्हें धमकाने लगा। उसने खुद को राष्ट्रपति भवन में तैनात एनआईए का सब इंस्पेक्टर बताकर उन्हें धमकियां दी।
इसके बाद होटल प्रबंधन ने मामले की सूचना जवाहर सर्किल थाने को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एनआईए से जानकारी जुटाई तो पूरी हकीकत समाने आ गई। आरोपी युवक ने एनआईए में ट्रेनिंग कर रहे सुदर्शन राव नाम के एक सिपाही का आईकार्ड चुराया था। जिस पर अपनी तस्वीर लगाकर वह लोगों से धमकाया करता था। पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। आईकार्ड चुराने सहित अन्य सवालों के जवाब के लिए पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।