दिन रात लूटपाट करने वाले युवा पत्थरबाजों की गैंग लंबे अरसे से डूंगरपुर जिले में सक्रिय है। आए दिन जिले के विभिन्न मार्गों पर युवा पत्थरबाजों की गैंग का राहगीर शिकार हो रहे हैं। पीड़ित राहगीर पत्थरबाजों की करतूतों को जिला पुलिस के आगे उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट पेश कर रहे हैं। यह भी सही है कि कभी-कभार कोई बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं, बस इतना इतिश्री कर पुलिस जनता की सुरक्षा को लेकर जो जिम्मेदारी सरकार ने दी है, इसे पूरा कर आराम फरमाते हैं।
पुलिस की इसी आराम फरमाने की प्रवृत्ति को बदमाश पत्थरबाज जो राहगीरों के साथ मारपीट और लूटपाट करते हैं। पुलिस से बैखोफ होकर आए दिन लूटपाट और मारपीट की घटना को अंजाम देते आ रहे हैं। शुक्रवार रात सीमलवाड़ा मार्ग पर पोहरी खातुरत गांव के पास दो साल का एक अबोध बालक बेलगाम पत्थरबाजों का शिकार हो गया।
दरअसल, मांडवा नवाघरा निवासी विक्रम परमार अपनी पत्नी और दो साल के इकलौते बेटे के साथ बाइक से अपने साले की शादी में गोरादा गांव गए थे। जहां से साले की बारात वाणिया तालाब गई थी। शाम करीब पांच से छह बजे के दौरान अपनी बीवी और बच्चे के साथ बाइक पर सवार होकर घर आ रहे विक्रम परमार पर पोहरी खातुरात के पास छह से सात बेलगाम पत्थरबाज युवाओं की गैंग ने लूटपाट की नीयत से पत्थरों से हमला बोल दिया। पत्थरबाजों द्वारा किए गए हमले में एक पत्थर दो साल के मासूम और मां बाप के इकलौते बेटे के सिर पर जा लगा। अबोध बालक बुरी तरह से लहूलुहान हो गया।
मौके से बालक को नजदीक पोहरी खातुरात प्राथमिक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने बेलगाम पत्थरबाजों का शिकार हुए इकलौते दो साल के अबोध को मृत घोषित कर दिया। शनिवार को चौरासी थाना पुलिस ने बालक के शव का पोस्टमॉर्टम कर शव उसके मां-बाप को अंतिम संस्कार करने के लिए सुपुर्द कर दिया। इस अबोध बालक की पत्थरबाजों के हाथों हुई मौत ने एक बार फिर जिलेवासियों के मन में डर का माहौल भर दिया है।