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Rajasthan Assembly Session: सालासर बालाजी गेट तोड़ने पर भाजपा आक्रमक, अध्यक्ष ने इसपर बहस की मांग को नकारा

Mon, 21 Mar 2022 12:55 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सालासर बालाजी के मुख्य गेट तोड़ने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। जिसपर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ऐतिहासिक बजट के कारण सदमे में है।
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राजस्थान विधानसभा - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र शुरू आज सुबह 11 बजे से शुरू हो चुका है। इस दौरान भाजपा सलासार रामदरबार गेट गिराने पर कांग्रेस पर हमलावर रही। पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि गहलोत सरकार हिंदू विरोधी है। गहलोत राज और औरंगजेब राज में कोई अंतर नहीं है। देवनानी ने यह भी कहा कि हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जनता ही इसका जवाब देगी।  

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खाचरियावास और डोटासरा ने दिया भाजपा को जवाब

वहीं बीजेपी प्रवक्ता रामलाल ने भी सालासर मुद्दे पर गहलोत सरकार को घेरा और कहा कि राम में इनकी आस्था नहीं है। जिसपर कांग्रेस की ओर से मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राम हमारे पूर्वज है। हमें राम में पूरी आस्था है। गेट गिराने वाले दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा के पास मुद्दा नहीं है तो इसको मुद्दा बना रही है।  


भाजपा बजट से सदमे में है-डोटासरा

पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासारा ने भी भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के ऐतिहासिक बजट से भाजपा सदमे में है। अब वह धार्मिक सौहार्द्र बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। सड़क चौड़ी करनी जरूरी थी। इसलिए दरवाजा हटाया गया है। बीजेपी को इस को मुद्दा बनाते हुए शर्म आनी चाहिए। अधिकारी दोषी है तो उन्हें बक्शा नहीं जाएगा। राम हमको भी प्यारे हैं।

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सलासर गेट मामले में सत्तापक्ष को बड़ी राहत 

विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अध्यक्ष सीपी जोशी से सालासर गेट मुद्दे पर सवाल की इजाजत मांगी थी। राठौड़ ने आसान से विधानसभा में राम दरबार ध्वस्त किया जाने पर जवाब देने की बात कही थी। सरकार और करोड़ों हिन्दुओं की भावना के साथ खिलवाड़ क्यों किया गया ये बताएं, इस पर बहस की मांग की थी। आसान ने इस मांग को सिरे से नकार दिया। आसान ने कहा कि ये एनएचआआई का मुद्दा है, जो केंद्र के अधीन है। इसलिए इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो सकती है। केंद्र के विषय में सवाल विधानसभा में नहीं किया जा सकता है।

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