यूपीए की अगुवाई कर रही कांग्रेस ने सैनिक के सिर काटे जाने की बर्बर करतूत के बाद पाक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के सरकार के फैसले का पूरी तरह समर्थन किया है। शुक्रवार से शुरू हुए पार्टी के चिंतन शिविर के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने साफ कहा कि बर्बरता और बातचीत दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते।
उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क से बातचीत तभी होनी चाहिए, जब वह स्वीकृत सभ्य व्यवहार के बुनियादी सिद्धांत का पालन करे। पाक द्वारा नियंत्रण रेखा पर बार-बार सीजफायर का उल्लंघन करने और बीते दिनों एक सैनिक का सिर काटने की घटना के बाद दोनों मुल्कों के बीच तनाव पर शिविर में भी चर्चा हो रही है।
चिंतन शिविर में पांच समूहों में एक विदेश नीति पर मंथन भी शामिल है। इस चर्चा का रोड मैप तय करते हुए अपने उद्घाटन भाषण में सोनिया ने पाक का नाम लिए बिना कहा कि अपने पड़ोसी देशों से बेहतर और नजदीकी रिश्ते बनाने से न केवल क्षेत्र में शांति रहेगी, बल्कि हमारे सीमावर्ती राज्यों पर भी इसका अनुकूल असर होगा।
सोनिया ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि पड़ोसी देश से हमारा संवाद सैद्धांतिक और स्वीकृत सभ्य व्यवहार पर आधारित होना चाहिए। भारत आतंकवाद और सीमाओं पर खतरे से निपटने की तैयारी से कोई समझौता नहीं कर सकता।