हाईटेंशन तार की चपेट में आने से स्नेक ईगल की मौत
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जैसलमेर की फतेहगढ़ तहसील से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे की वन्य जीव प्रेमी काफी खफा है। बता दें कि यहां के देगराय मंदिर की ओरण में बिजली की हाइटेंशन तार की चपेट में आने से शॉर्ट टोड स्नेक ईगल की मौत हो गई। इधर, वन्य जीव प्रेमी सुमेर सिंह का कहना है कि लगातार हो रही दुर्लभ पक्षियों की मौत से सभी नाराज है और चाहते हैं कि इस इलाके में चल रही बिजली की सभी हाइटेंशन लाइनों को अंडर ग्राउंड किया जाए।
चरवाहों ने दी सूचना
सुमेर सिंह ने बताया कि एक शॉर्ट टॉड स्नेक ईगल प्रजाति का एक पक्षी शिकार के बाद उड़ने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान यहां ओरण के ऊपर से निकल रही हाइटेंशन बिजली की तारों की चपेट में आ गया। जिससे गंभीर रूप से घायल होकर नीचे गिर पड़ा। वहां घूम रहे चरवाहों ने इसकी सूचना पर्यावरण प्रेमी सुमेरसिंह सांवता को दी।
आए दिन होती है पक्षियों की मौत
सुमेरसिंह ने बताया कि वे जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक वह जीवित था। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग व अन्य पर्यावरण प्रेमियों को दी, लेकिन कुछ ही देर में पक्षी की मौत हो गई। सुमेर सिंह ने बताया कि देगराय ओरण में वन्यजीवों व पक्षियों की बड़ी तादाद है। जबकि ओरण से हाइटेंशन बिजली की तारें निकल रही है। जिसके कारण आए दिन पक्षी मर रहे हैं। जिनकी सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले साल भी यहां एक गरुड़ की करंट से मौत हो गई थी।
सांप खाता है शॉर्ट टोड स्नेक ईगल
गौरतलब है कि देगराय ओरण में बड़ी संख्या में वन्यजीव विचरण करते है। यहां कई गरुड़, गिद्ध, बाज, चील आदि की प्रजातियां भी है। शॉर्ट टोड स्नेक ईगल को स्नेक ईगल इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि ये जहरीले सांपों को भी खा लेता है। ये दुर्लभ प्रजाति का ईगल नेपाल और पाकिस्तान और भारत में पाया जाता है। ये शिकारी प्रजाति का ईगल सफ़ेद रंग का होता है और ये एक दुर्लभ पक्षी है जो आमतौर पर सूखे इलाकों में पाया जाता है। इस ईगल की सबसे खास है कि ये जहरीले से जहरीले सांपों को खा लेता है।