इसके साथ ही उन्होंने ओमिक्रॉन से बचने के लिए लोगों से सतर्क रहने की और मास्क लगाने व शारीरिक दूरी के नियमों का गंभीरता से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन में सामने आया है कि बूस्टर खुराक ओमिक्रॉन वैरिएंट से 90 फीसदी कर सुरक्षा दे सकती है। अभी के लिए उन्होंने सभी से टीके की दोनों खुराकें लेने की अपील की।
जयपुर में रविवार को ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के नौ मामले सामने आए थे। डॉ. भंडारी ने कहा कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। इनमें से कुछ एसिम्टोमैटिक (ऐसे मरीज जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं दिखते) हैं और बाकी में बीमारी के हल्के लक्षण हैं। सभी मरीजों में कोई खतरे की स्थिति नहीं दिख रही है और सभी सामान्य गति से ठीक हो रहे हैं।
उधर, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट इससे पहले सामने आए डेल्टा के मुकाबले अधिक संक्रामक है। हालांकि, ओमिक्रॉन को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। कोरोना का डेल्टा वैरिएंट भारत में इस महामारी की दूसरी और बेहद भयावह लहर का कारण बना था।