राज्यसभा चुनाव से पहले कुछ कांग्रेस विधायक गहलोत सरकार से नाराजगी जता रहे थे। जिसके बाद वे बाड़ेबंदी में शामिल होने उदयपुर नहीं पहुंचे लेकिन अब उनके तेवर नरम पड़ गए हैं। नाराज छह विधायकों ने शनिवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इसके बाद विधायकों ने उदयपुर में बाड़ेबंदी में जाने की घोषणा कर दी है।
संदीप यादव के वायरल पत्र ने बढ़ा दी थी टेंशन
एक दिन पहले ही संदीप यादव ने मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को सम्मान नहीं देने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत पर जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया था। संदीप यादव का पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।
इसके साथ ही गिर्राज मलिंगा ने भी उनपर केस दर्ज होने को लेकर नाराजगी जताई थी। मलिंगा ने कहा कि जो मुकदमे उनके ऊपर दर्ज हुए हैं, वह सरकार बचाने का और वफादारी दिखाने का ही इनाम है। हम अब उदयपुर क्यों जाएंगे? पहले सरकार बचाने के लिए गए थे, उसी का परिणाम है कि मेरे ऊपर ऐसे मुकदमे दर्ज हुए, जिनसे मेरा कोई लेना देना नहीं था। अब विधायकों ने सीएम से मुलाकात के बाद अपने सुर बदल लिए हैं।
बता दें कि 10 जून को राजस्थान की चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। जिसमें कांग्रेस ने तीन और भाजपा ने एक प्रत्याशी उतारार है। वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. सुभाष चंद्रा भी मैदान में है। चंद्रा के मैदान में उतरने से ये मुकाबला रोचक हो गया है।