ब्रह्माकुमारीज संस्थान के कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
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सिरोही में राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय आबूरोड में भारत एवं नेपाल के प्रतिनिधियों के राजयोग शिविर को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वर्तमान राजनीतिक दौर पर अपने विचार रखे और राजनीति में आदर्श स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
राजनीति को समाज सेवा का माध्यम बताया
समारोह में टीकाराम जूली ने कहा कि परमात्मा के घर में वही आता है जिस पर उसकी विशेष कृपा होती है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज सेवा के उद्देश्य से आए हैं। उनके अनुसार जनता की सेवा ही राजनीति का वास्तविक मकसद होना चाहिए।
लोभ-लालच से घट रहा विश्वास
उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीति में आदर्श स्थापित करने की जरूरत है। जूली ने कहा कि लोभ और लालच के भाव के कारण राजनेताओं से लोगों का विश्वास उठ रहा है। इसी वजह से लोग राजनीति को अच्छी दृष्टि से नहीं देखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राजनीति में आदर्श मूल्यों को स्थापित करने का प्रयास होना चाहिए।
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ब्रह्माकुमारीज पदाधिकारियों ने भी रखे विचार
समारोह में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के महासचिव बीके करुणा ने कहा कि आध्यात्म और राजयोग व्यक्ति को स्वयं का नेतृत्व करना सिखाता है। जब व्यक्ति खुद का नेतृत्व करना सीख जाता है, तब वह सहज रूप से दूसरों का नेतृत्व भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान पूरे विश्व में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का कार्य कर रहा है।
राजनीति में मूल्यों और अध्यात्म की जरूरत बताई
संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय ने कहा कि राजनीति में मूल्यों की बहुत आवश्यकता है। इसलिए राजनीति में भी राजयोग और अध्यात्म की अति आवश्यकता है। क्षेत्रीय विधायक मोतीराम कोली ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ब्रह्माकुमारीज राजापार्क सबजोन प्रभारी बीके पूनम ने राजयोग का अभ्यास करवाया।
जयंती दीदी से भी की मुलाकात
इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ब्रह्माकुमारीज की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संस्थान की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। जयंती दीदी ने मौजूदा समस्याओं का समाधान राजयोग बताते हुए आध्यात्मिकता अपनाने की सलाह दी।