सलूंबर कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी ने की सख्त कार्रवाई
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सलूंबर में जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत पंचायत समिति सलूंबर क्षेत्र में कार्यरत दो ग्राम विकास अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अनुशंसा के आधार पर की गई है। साथ ही दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है।
माकड़सीमा ग्राम पंचायत के अधिकारी पर कार्रवाई
पहले मामले में ग्राम पंचायत माकड़सीमा में पदस्थ ग्राम विकास अधिकारी प्रेमचंद विश्नोई के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आरोपों को गंभीर मानते हुए राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम के तहत विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है।
निलंबन अवधि में सेमारी मुख्यालय निर्धारित
जारी आदेश के अनुसार नियम 13 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रेमचंद विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचायत समिति सेमारी निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
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उथरदा ग्राम पंचायत के अधिकारी भी निलंबित
दूसरे आदेश में ग्राम पंचायत उथरदा में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी दिनेश कटारा को भी समान आधार पर निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ 23 अप्रैल 2026 की अनुशंसा के आधार पर विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है।
लसाड़िया मुख्यालय तय, निर्वाह भत्ता मिलेगा
आदेश के अनुसार दिनेश कटारा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पंचायत समिति लसाड़िया निर्धारित किया गया है। उन्हें भी नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जांच पूरी होने तक जारी रहेगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में विभागीय जांच पूरी होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। दोष सिद्ध होने की स्थिति में नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।