रक्षामंत्री राजनाथसिंह एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ आरोपी अजय ढाका
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सिरोही जिले के आबूरोड में भाजपा नेता अजय ढाका पर आबू मार्बल एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर जानलेवा हमला और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने आबूरोड रीको पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उद्यमियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर अजय ढाका को पार्टी से निष्कासित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आबूरोड रीको पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, डी-382 रीको कॉलोनी निवासी भगवान अग्रवाल, धनराज भाटी और लक्ष्य गहलोत ने बताया कि आबू मार्बल एसोसिएशन को हाल ही में रीको प्रशासन द्वारा डंपिंग यार्ड के लिए एक प्लॉट आवंटित किया गया था। नौ जून 2025 को ये लोग इस प्लॉट पर कब्जा लेने और साफ-सफाई का कार्य करवाने गए थे। इसी दौरान अजय ढाका, विजय ढाका और कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को काम करने से रोका, उनके साथ गाली-गलौज की और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया। इस घटना के बाद पीड़ितों ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज की और सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार को सौंपी है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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आबू मार्बल एसोसिएशन की अगुवाई में उद्यमियों ने इस घटना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को एक ज्ञापन भेजकर अजय ढाका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि अजय ढाका वर्तमान में भाजपा नगर किसान मोर्चा आबूरोड के अध्यक्ष हैं। उन्होंने असंवैधानिक तरीकों से कार्य किए हैं। उनके द्वारा डंपिंग यार्ड में कार्यरत एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया गया, जो पार्टी और सरकार की छवि को धूमिल करने वाला कृत्य है। उद्यमियों ने यह भी उल्लेख किया कि अजय ढाका का नाम पहले तेल की चोरी और कोयले की सप्लाई में अनियमितताओं जैसे मामलों में सामने आ चुका है। उन्होंने मांग की है कि अजय ढाका को तत्काल पद से हटाया जाए और पार्टी से निष्कासित किया जाए।
इस घटना के बाद आबूरोड रीको पुलिस थाना सक्रिय हो गया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार को इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे स्थानीय उद्यमियों में नाराजगी देखी जा रही है। वे प्रशासन से त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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