सिरोही जिले में पुलिस ने धारदार हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और आमजन में भय फैलाने वाले लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत बीते दो दिनों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 धारदार छुरियां और 2 तलवारें जब्त की हैं।
थानाधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई
आबूरोड सदर पुलिस थानाधिकारी प्रदीप डांगा और आबूरोड रीको पुलिस थाना के थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत के नेतृत्व में टीम ने सोशल मीडिया की निगरानी कर ऐसे व्यक्तियों की पहचान की, जो धारदार हथियारों के साथ वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। पुलिस ने आमथला, पुलिस थाना आबूरोड सदर निवासी पोपटलाल पुत्र शंकरलाल भील, शांतिवन तलेटी दानवाव निवासी गणेश पुत्र रमेश गरासिया, अणदाराम पुत्र भीमाजी गरासिया, ईडरमाल सुरपगला निवासी हरि उर्फ हरिश पुत्र कालाजी गरासिया और गेना पुत्र भीमाराम गरासिया को गिरफ्तार किया है।
धारदार हथियार जब्त
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 2 धारदार तलवारें और 3 छुरियां बरामद की गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घातक हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पढ़ें- Jhalawar: कालीसिंध थर्मल कॉलोनी में लाखों की चोरी का खुलासा, गूगल मैप से लोकेशन चुनता था अंतर्राज्यीय गिरोह
एक दिन पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
इससे एक दिन पूर्व आबूरोड सदर पुलिस ने धारदार हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने के मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि शांतिभंग की आशंका में 2 अन्य को हिरासत में लिया गया था। उस कार्रवाई में 2 धारदार छुरियां बरामद की गई थीं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में खादराफली बगेरी निवासी गोविंद पुत्र मंशाराम गरासिया, अंबेडकर कॉलोनी निवासी भीमाराम पुत्र मुकेश, वेराफली निचलागढ़ निवासी सुरेश कुमार पुत्र मानु गरासिया, साहेबा उर्फ साईवा पुत्र चोपाराम गरासिया, काला अंगारिया फली आमथला निवासी भूपेश पुत्र करमाराम गरासिया, संजयकुमार पुत्र ताराराम गरासिया और सरदोगाफली पोसीना, गुजरात निवासी राहुल पुत्र मसरू गरासिया शामिल हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो बनाकर आमजन में भय का माहौल बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेष अभियान के तहत निगरानी और धरपकड़ की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।