सिरोही में शांतिवन से उमरनी गांव में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब गांव में घर-घर से सूखा कचरा, गीला कचरा, मेडिकल वेस्ट और सामान्य कचरे को चार तरीके से संग्रहित किया जाएगा। एलआईसी एचएफएल ग्रीन टूमारो प्रोजेक्ट के अंतर्गत टीम फीडबैक फाउंडेशन और कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा संयुक्त रूप से गांव में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
वहीं, रेडियो मधुबन की ओर से घर-घर में तीन हजार से ज्यादा डस्टबिन बांटे जाएंगे। कचरा वाहन को हरी झंडी दिखाते हुए कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजयोगी राजूभाई ने गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं आदर्श बनाने में ग्रामीणों से सक्रिय होकर सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घर में सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग संग्रहित करके रखें। कचरा गाड़ी में ही डालें। सभी के सामूहिक प्रयासों से सब मिलकर उमरनी को आदर्श गांव बना पाएंगे।
मन की स्वच्छता पर भी काम करें
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके ऊषा दीदी ने कहा कि हम सभी को सबसे पहले अपनी मन की स्वच्छता पर काम करना होगा। जब हमारे विचार, सोच और संकल्प स्वच्छ, सुंदर होंगे तो हम जो भी कर्म करेंगे, वह कर्म सुखदायी, श्रेष्ठ और महान होंगे। गांव को आदर्श गांव बनाने में स्वच्छता का सबसे अहम योगदान है।
आवास-निवास के प्रभारी बीके देव भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय शांतिवन परिसर सहित देश-विदेश के सभी सेवा केंद्र, रिट्रीट सेंटर स्वच्छता की मिसाल हैं। देश-विदेश से जो भी लोग यहां आते हैं तो यहां की साफ-सफाई, स्वच्छता से प्रभावित होते हैं। जहां स्वच्छता है, वहां संपन्नता रहती है।
गीले कचरे से बनाएंगे खाद
प्रोजेक्ट मैनेजर लखविंदर सिंह ने कहा कि हम वाहन के माध्यम से कचरा कलेक्शन कर उसका सुनियोजित तरीके से डंपिंग करेंगे। साथ ही भविष्य में गीले कचरे से खाद बनाने की योजना है। गाड़ी का मेंटेनेंस आदि हमारी ओर से किया जाएगा। कलेस्टर हेड अमीता तिवारी ने कहा कि सभी के प्रयासों से उमरनी को स्वच्छ गांव बनाने का सपना पूरा होगा।
इस दौरान प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर राहुल ढिलोर, सरपंच प्रतिनिधि बाघाराम गरासिया, उपसरपंच प्रतिनिधि गणेश बंजारा, रेडियो मधुबन के निदेशक बीके यशवंत भाई, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता दीदी, पीआरओ बीके कोमल भाई, बीके आनंद भाई एवं बीके रोहित भाई मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रभाग के बीके चंद्रेशभाई ने किया।