फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: बाबा की दीवानगी में नौकरी और घर छोड़ा, रोजाना 17 किमी की पैदल यात्रा, अब तक चढ़ाए 25 हजार निशान

Thu, 02 Mar 2023 06:46 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

आरती पिछले 10 साल से श्याम बाबा को निशान अर्पित कर रही हैं। अब तक वह 25 हजार से भी अधिक निशान बाबा श्याम को चढ़ा चुकी हैं। फाल्गुन मेले में भी आरती रोजाना 51 निशानों के साथ रींगस से खाटू की पदयात्रा कर श्याम बाबा को निशान चढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
श्याम बाबा की भक्ति ऐसी कि घर और नौकरी भी छोड़ दी। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के सीकर जिले के खाटू में श्याम बाबा के फाल्गुन लक्खी मेले में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। 22 फरवरी से शुरू हुए मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु श्याम बाबा के दरबार में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, लाखों की संख्या में श्रद्धालु रींगस से हाथों में निशान लेकर बाबा श्याम के मंदिर में पहुंच रहे हैं। 

विज्ञापन


इन लाखों भक्तों में से एक हैं कलयुग की मीरा के नाम से प्रसिद्ध अजमेर की रहने वाली आरती। आरती बाबा को रोजाना 50 किलो से भी अधिक वजनी 51 निशान चढ़ा रही हैं। श्याम बाबा के जन्मोत्सव देवउठनी एकादशी से आरती ने 51 निशानों के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत की थी और श्याम बाबा को फागुन मेले तक 5100 निशान चढ़ाने का संकल्प लिया था। जिसे पूरा करते हुए वह रोजाना रींगस से पैदल खाटू तक 51 निशानों के साथ यात्रा कर रही हैं। 

10 साल से चढ़ा रही है निशान
आरती पिछले 10 साल से श्याम बाबा को निशान अर्पित कर रही हैं। अब तक वह 25 हजार से भी अधिक निशान बाबा श्याम को चढ़ा चुकी हैं। फाल्गुन मेले में भी आरती रोजाना 51 निशानों के साथ रींगस से खाटू की पदयात्रा कर श्याम बाबा को निशान चढ़ा रही हैं।
विज्ञापन


घर और नौकरी छोड़ी 
श्याम की भक्ति में लीन आरती बाबा के लिए घर, परिवार, नौकरी सब छोड़ चुकी हैं। आरती ने समाजशास्त्र में एमए किया और इसके बाद जयपुर के अस्पताल में नौकरी करने लगीं। इस दौरान आरती का मन श्याम बाबा की भक्ति में ऐसा लगा कि उन्होंने सब कुछ दिया। अब श्याम जगत में आरती को श्याम दीवानी और कलयुग की मीरा के नाम से जाना जाता है।

रहती है नंगे पैर 
आरती 24 घंटे नंगे पैर रहती है। करीब 10 साल से वह सर्दी, बारिश या फिर गर्मी के मौसम में भी चप्पल नहीं पहनती हैं। रोजाना 51 निशानों के साथ 17 किमी का सफर पैदल नंगे पैर तय करती हैं। इसके बाद भी आरती के पैर में ना तो छाले पड़ते हैं और ना ही किसी तरह का कोई जख्म हैं। इसे लेकर आरती कहती हैं कि ये सब श्याम बाबा की कृपा है।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें