सीकर में बच्चों को छतरियां बांटी गई।
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बरसात के दौरान सरकारी स्कूल में पढ़ने जा रहे बच्चों को भीगते देखकर सीकर जिले के रींगस कस्बे में एक महिला का दिल ऐसा पसीजा कि उसने स्कूल में सभी बच्चों को 150 छतरियां गिफ्ट कर दी। इतना ही नहीं सभी बच्चों को स्वादिष्ट राजस्थानी व्यंजन दाल-बाटी और चूरमा की दावत भी दी।
कहते हैं कि अगर जरूरतमंद को कुछ देने की या दान करने की मन में इच्छा हो, तो किसी भी बहाने से दान किया जा सकता है। ऐसा ही एक मिसाल सीकर जिले के रींगस कस्बे की प्रकाशी देवी ने पेश की। उन्होंने सरकारी स्कूल के बच्चों को बरसात में भीगते देखा और अगले दिन तेज धूप में अपने बैग को सिर पर रखकर स्कूल जाते देखा। उन्होंने इन बच्चों के लिए कुछ करने का सोचा। इसी बात से मन में ठानकर प्रकाशी देवी ने बच्चों के लिए 150 छतरियों की व्यवस्था कर उन्हें राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बींसावाली में वितरित किया।
बच्चे भी छतरी पाकर बेहद खुश
प्रकाशी देवी के भाई फौजी सरदार सिंह बधाला ने बताया कि बहन के मन में हमेशा ही कुछ अलग तरीके से परोपकार की इच्छा रहती है। इसके चलते उसने सरकारी विद्यालय के 150 छात्र-छात्राओं में छाते वितरित किए हैं। उनके लिए स्वादिष्ट दाल-बाटी-चूरमा बनवाकर खाने की व्यवस्था भी की थी। विद्यालय के बच्चे छतरी पाकर बेहद खुश हुए। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निष्ठा शर्मा ने भामाशाह महिला और उनके परिजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।