फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kashmir to Kanyakumari: चार हजार किमी की दूरी कदमों से नाप रहे सीकर के प्रदीप, पेड़ लगाने और बचाने का दे रहे संदेश

Thu, 03 Feb 2022 11:14 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़

सार

हाथ में तिरंगा और कंधे पर बैग लिए 64 दिन का सफर तय कर झालावाड़ पहुंचे प्रदीप का लोगों ने फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। रोज करीब 30 किमी का सफर पैदल पूरा करते हैं। 
विज्ञापन
पैदल यात्रा पर निकले प्रदीप सैनी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कंधे पर 25 किलो का वजन....हाथ में तिरंगा...रोजाना 25 से 30 किमी का पैदल सफर और फिर जहां शाम वहीं ठिकाना...ये रुटीन है सीकर के प्रदीप कुमार सैनी का। वे लोगों को पेड़ लगाने और उन्हें बचाने का संदेश देना चाहते हैं। देश भर के लोगों तक इस संदेश को पहुंचाने के लिए उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक की करीब चार हजार किमी की दूरी पैदल तय करने का निर्णय किया। 

विज्ञापन


इस यात्रा को पूरा करने के लिए उन्होंने एक बैग में अपनी जरूरत का सामान भरा, हाथ तिरंगा झंडा लिया और निकल पड़े अपने सफर की ओर। रास्ते में आईं तमाम परेशानियों को पीछे छोड़ प्रदीप 64 दिन का सफर तय कर झालावाड़ पहुंचे। इस दौरान लोगों ने सैनी का फूल माला पहनाकर जोरदार तरीके के स्वागत किया। अगले दिन सुबह प्रदीप हर रोज की तरह एक बार फिर अपने अगले पड़ाव की ओर निकल गए। 

नई सुबह से नए सफर की शुरुआत
प्रदीप ने कहा कि इतनी दूरी पैदल तय करना मेरे लिए आसान नहीं हैं, लेकिन अगर कुछ करने की इच्छा हो तो हर मुश्किल का भी आसान हो जाता है। उन्होंने कहा मेरे पास एक 25 किलो का बैग है, जो सफर के दौरान मेरी पीठ पर टंगा रहता है। हाथ में तिरंगा झंडा लेकर रोज 25 से 30 किमी का सफर तय करता हूं। सुबह से शाम तक चलने के बाद जहां पहुंचा हूं वहीं एक रात रुकने का ठिकाना बना लेता हूं। एक नई सुबह नए सफर की ओर निकल जाता हूं। 
विज्ञापन


बचपन से था लगाव
प्रदीप ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पेड़-पौधों से लगाव है। पर्यावरण को बढ़ाने और उसे बचाने के इस जुनून ने ही मुझे यह पदयात्रा करने के लिए प्रेरित किया। मेरा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात पहुंचा है। सफर के अनुभव को लेकर उन्होंने कहा कि हर नई जगह पर अलग-अलग लोग मिलते हैं। अब तक ज्यादातर लोग अच्छे ही मिले हैं। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें