शाहपुरा जिले में जहाजपुर क्षेत्र के पंडेर थाना क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रयासों को धता बताते हुए बनास नदी के अंदर लगाई गई अस्थाई पुलिस चौकी को बजरी माफियाओं ने जलाकर राख कर दिया। यह चौकी पांच फरवरी को रोकथाम के लिए लगाई गई थी। पुलिस चौकी पर किए गए इस हमले में वहां किसी के न होने के कारण जनहानि तो नहीं हुई पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर अपराधियों के इतने हौंसले बुंलद कैसे हुए, कहीं पुलिस की मिलीभगत ही तो नहीं है।
थानाधिकारी शंकर सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात एमबीसी के जवान गश्त के लिए नदी के अंदर गए थे। तभी कुछ लोगों ने बनास नदी में लगी अस्थाई चौकी को आग के हवाले कर दिया, जिससे कोई हताहत तो नहीं हुआ। लेकिन चौकी में रखे जवानों के सभी सामान जलकर राख हो गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चार नामजद सहित 25 से 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अपराध करने वालों वालों को पुलिस ढूंढ रही है। इस आग से दो टेंट, चारपाई, बिस्तर एवं जवानों के कुछ सामान जलकर राख हो गए।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, अवैध बजरी खनन की रोकथाम हेतु लगाए गए पुलिस गश्त जाब्ता को चेक करने बनास नदी में पहुंचा। देखा तो पुलिस गश्त जाब्ता के रुकने के लिए लगाए गए अस्थाई टेंट में आग लगी हुई थी। पुलिस जीप को देखकर आग लगाने वाले लोग बनास नदी में पैदल-पैदल भागने लगे, जिनकी पहचान राजू मीणा (पैडेवाला), संत कुमार पुत्र सोराज मीणा, पप्पू लाल पुत्र धर्मराज गुर्जर, पीरु पुत्र मूलचंद्र गुर्जर निवासी गांगीथला के रूप में पहचान हुई। इनको नामजद करने के साथ ही अन्य करीब 25-30 व्यक्ति थे, जिनको अंधेरे होने से पहचान नही हो सकी। बताया गया है कि सभी आरोपीगण अंधेरे का फायदा उठा कर नदी में भाग गए। जाब्ता की मदद से अस्थाई टेंट में लगी हुई आग को बुझाया।
जलते हुए अस्थाई टेंट की वीडियोग्राफी की गई। अपराधियों द्वारा हम सलाह होकर पुलिस गश्त जाब्ता के ठहरने के लिए लगाए गए अस्थाई दो टेंट, टेंट के अन्दर रखी चार चारपाई, गद्दे, रजाई को आग लगाकर जलाने का अपराध कारित किया है। पंडेर थाना में अपराध धारा-143, 436 भा.द.स. में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान भागचंद्र सउनि के जिम्मे किया।