सवाई माधोपुर पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों के सरकारी आवास के गटर के गड्ढे की पट्टियां टूटने से सीओ कार्यालय में कार्यरत एक कांस्टेबल स्कूटी सहित अपनी पत्नी के साथ गटर के 10-12 फिट गहरे गड्ढे में गिर गया। इस हादसे में कांस्टेबल लखन और उसकी पत्नी को पैर और सिर में गहरी चोट आई है। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों ने गम्भीर घायल कांस्टेबल लखन और उसकी पत्नी को रणथम्भौर सेविका अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घायल कांस्टेबल लखन ने बताया कि शनिवार रात करीब नौ बजे वह अपनी पत्नी के साथ मन्दिर गया था। मन्दिर से वापस आकर उसने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी क्वॉटर के बाहर अपनी पत्नी को स्कूटी से उतारा और स्कूटी को गटर चैंबर के ऊपर पट्टियों के प्लेटफॉर्म पर खड़ा कर रहा था। उसी दौरान गटर की पट्टी टूट गई और वो स्कूटी सहित 10-12 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। पति के स्कूटी सहित गड्ढे में गिरने की आवाज सुनकर पास ही खड़ी उसकी पत्नी अपने पति को बचाने दौड़ी, लेकिन जैसे ही उसने आनन फानन में गटर की छतिग्रस्त पट्टी पर पैर रखा, वैसे ही वो भी टूटी पट्टी के साथ गटर के गहरे गड्ढे में जा गिरी।
स्कूटी सहित दोनों पति-पत्नी के सीवर के गड्ढे में गिरने की आवाज और चीख पुकार सुनकर आसपास के आवासों में रहने वाले पुलिसकर्मी और उनके परिजन दौड़े और कांस्टेबल लखन और उसकी पत्नी को जैसे तैसे गटर के गड्ढे से बाहर निकाला और गम्भीर हालत में रणथम्भौर सेविका अस्पताल में भर्ती करवाया। कांस्टेबल लखन का पैर फैक्चर हो गया। वहीं, उसकी पत्नी के सिर में भी गहरी चोट आई है। गनीमत ये रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। वरना पट्टी की चपेट में आने से दोनों में से किसी की जान भी जा सकती थी।
फिलहाल, दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। गौरतलब है कि पुलिस लाइन के अधिकतर सरकारी क्वॉटर पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। लेकिन पुलिस महकमे की ओर से इनके सुधार के लिए आवासों और निर्माणों की मेंटिनेंस की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में कई पुलिसकर्मियों को मजबूरन उन्हीं सरकारी क्वॉटरों में रहना पड़ रहा है। हमेशा हादसे की आशंका बनी हुई है।