फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: आंधी-तूफान और ओले-बारिश से बिगड़ी आम की मिठास, UP से करौली तक आम पर मौसम की मार

Sun, 04 Jun 2023 01:14 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली

सार

राजस्थान के करौली जिले में आम की मिठास पर मौसम का खासा असर पड़ा है। उत्तर प्रदेश से लेकर करौली तक आम पर मौसम की मार साफतौर पर दिखाई पड़ रही है। आंधी-तूफान और ओले-बारिश ने आम की मिठास छीन सी ली है।
 
विज्ञापन
बिगड़ी आम की मिठास - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करौली क्षेत्र में मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते आम की मिठास चली गई। फलों के राजा आम से किसान ने भी उम्मीद छोड़ी दी है। क्योंकि आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलों से आम के पेड़ों पर लगी अमिया खराब हो गई। आम की कैरियों पर दाग पड़ गए या समय से पहले ही फसल झड़ गई, जिसके चलते आम की फसल चौपट हो गई है।

विज्ञापन


बागवानी से जुड़े किसान बालासागर और जगमोहन ने बताया कि इस बार आंधी और पानी ने आम की फसल को काफी हद तक बर्बाद कर दिया। पहले ही आम की फसल में इस बार फूल ज्यादा आने की वजह से आम के बौर कम आए थे। ऊपर से बारिश और आंधी की वजह से बाकी बचे आम भी गिर गए। इसके अलावा बीच में गर्मी ज्यादा होने की वजह से आम समय से पहले ही पक गए, जिससे काफी आम खराब भी हो गए। मौसम की बेमिजाजी से अब बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें पड़ने लगी हैं। बेमौसम बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने से आम की फसल को 25 से 30 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। इससे इस साल आम का उत्पादन जल्द घटने की आशंका जताई जाने लगी है।

बाजारों में आम की क्वालिटी और कीमतों पर पड़ा गहरा असर...
आम विक्रेताओं का कहना कि अबकी बार मौसम की मार के कारण हाई क्वालिटी का आम नहीं आ रहा है। दागी, पिलपिले, अध कच्चे, कीड़ा और छेद लगे आम भी आ रहे हैं। इसके कारण लोगों को बेहतर आम खरीदना महंगा पड़ेगा। कोरोना महामारी के बाद लोग आर्थिक मंदी के दौर में जी रहे थे। लेकिन धीरे-धीरे आर्थिक संकट से बाहर निकलने में लगे फल व्यापारियों और किसानों पर बेमौसम बारिश और आंधी ने कहर बरपाया है, जिसके कारण आम समेत फलों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। 40-50 रुपये किलो बिकने वाला सफेदा आम 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रहा है, जिससे लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है। केसर, लंगड़ा, तोतापुरी आम भी 80 से 120 रुपये तक बिक रहा है। अल्फांसो आम के दाम 300 से 350 रुपये किलो तक है।
विज्ञापन


बागवानी के लिए सरकार नहीं दे रही कोई विशेष सहायता...
बागवानी से जुड़े हुए किसानों ने बताया कि बागवानी के लिए सरकार की तरफ से किसानों को कोई विशेष सहायता नहीं दी जाती है, जिसके चलते बागवानी के प्रति किसानों का रुझान कम होता जा रहा है। टोडाभीम क्षेत्र, करौली, सपोटरा की मिट्टी बाहर से आने वाले किसानों के लिए तरबूज और सब्जियां उगाने के लिए उपयुक्त है, जिसके चलते करौली जिले के टोडाभीम, सपोटरा, क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य के किसान काफी संख्या में आकर खेतों में गर्मी के मौसम की सब्जियां और तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, टमाटर आदि की पैदावार कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि टोडाभीम क्षेत्र के आमों से बना अचार देश विदेश में प्रसिद्ध है। भुसावर में यहां से काफी कैरियां सप्लाई होती हैं। वहां भी आचार डाला जाता है। लेकिन मौसम की मार के चलते आम की फसल खराब होने से इस बार आम का अचार बनाने वाले व्यवसायियों को भी मायूस होना पड़ेगा।

दोगुनी देने पड़ सकते हैं कच्ची कैरियों के दाम...
कृषि अधिकारी रामलाल जाट ने बताया कि मार्च से मई महीने में पश्चिम विक्षोप का ऐसा प्रकोप पूर्वी राजस्थान में देखने को मिला है, जिसके कारण आम के पेड़ से मोहर झड़ने और कैरी टूटने से बागबानी किसान को पिछले वर्ष की जगह अबकी बार ज्यादा नुकसान पहुंचा है। किसानों को 25 से 30 प्रतिशत तक फसल खराब हुई है, जिससे किसान मायूस नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा अबकी बार आचार के लिए लोगों को कच्ची कैरी के दाम दोगुने देने पड़ सकते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें