राजस्थान के 12वीं बोर्ड के राजनीति विज्ञान के प्रश्नपत्र में कांग्रेस से संबंधित छह प्रश्न पूछने पर बवाल मच गया है। इसको लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने उदयपुर में मीडिया से बातचीत की। पूनिया ने कहा कि बारहवीं पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा के पेपर में कांग्रेस का महिमामंडन करने की असफल कोशिश की गई।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि ये नई पीढ़ी को भ्रमित करने की कोशिश हो सकती है, क्योंकि जो नई पीढ़ी कांग्रेस का इतिहास नहीं जानती, उन्होंने आपातकाल नहीं देखा। कांग्रेस से प्रश्न पूछने थे तो यह पूछते कि देश में आपातकाल किसने लगाया। देश में आर्टिकल 356 का दुयपयोग किसने किया। 1984 में सिखों के नरसंहार का दोषी कौन था। गौ हत्या पर प्रतिबंध के लिए प्रदर्शन करने वाले साधुओं पर गोली चलाने वाले दोषी कौन थे?
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने कुल मिलाकर इतिहास को इस तरीके से दर्शाने की कोशिश की है, जैसे कांग्रेस दूध की धुली हो। कांग्रेस के शासन में नए बच्चों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश हो रही है। यह वही कांग्रेस है, जो अकबर को महान बताते हैं और महाराणा प्रताप की महानता की महिमा को मंडित नहीं करते हैं।
बता दें कि राजस्थान बोर्ड के 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस प्रश्न पत्र में कांग्रेस से जुड़े छह प्रश्न पूछे गए हैं। पेपर में एक सवाल कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन और एक सवाल बसपा से भी जुड़ा है। सत्ताधारी दल के बारे में इतने सवाल पूछे जाने पर सवाल खड़ा हो गया है। 12वीं के पाठ्यक्रम में 'एक दल के प्रभुत्व का दौर और कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियां और पुर्नस्थापना' दो टॉपिक्स हैं। हालांकि, प्रश्नपत्र में कांग्रेस पर छह सवाल पूछना लोगों को खटक रहा है।