आरसीए की सत्ता पर अपनी पकड़ फिर से बनाने के लिए मनी लाउंड्रिंग के आरोपी ललित मोदी ने बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसमें उनके लिए फ्रंट फेस बने हैं, मोदी के बेटे रुचिर मोदी। रुचिर फिलहाल अलवर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष है। फिलहाल जयपुर में एक होटल में बाकी पदाधिकारियों को अपने गुट में करने को जुटे हैं।
रुचिर ने बुधवार को पदाधिकारियों को बातचीत के लिए न्यौता दिया। कुछ पदाधिकारी मिलने को राजी हुए और कुछ ने साफ तौर पर मनाकर दिया। रुचिर की योजना तो सभी जिला क्रिकेट संघों के पदाधकारियों व सचिव से मिलने की है। इस मीटिंग को लेकर रुचिर की प्लानिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मीटिंग को बेहद गुप्त रखा गया है।
इससे पहले हाल ही में रुचिर ने सभी जिला संघ पदाधिकारियों को मिलने के लिए गोवा में बुलाया था। वे वहीं सभी से मिलना चाह रहे थे, लेकिन जूनियर मोदी के इस रूख ने जिला संघ पदाधिकारियों को नाराज कर दिया। ऐसे में पदाधिकारियों ने रुचिर को कहा था कि यदि बात करनी है तो जयपुर आकर बात करें। इसके बाद ही रुचिर ने जयपुर आकर बात करने का कार्यक्रम बनाया।
मोदी गुट के पदाधिकारियों ने अपनी गुट में समर्थन होने की बात कही। उनका कहना था कि बाइस जिलों के पदाधिकारी व सैकेट्री हमारे साथ हैं। ऐसे में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने वाली। उधर कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि रुचिर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मुलाकात कर सकते हैं।
इस मीटिंग के बाद सामने पदाधिकारी आरसीए चुनावों को लेकर कुछ भी कहने से बचते रहे। उनका कहना था कि इस मीटिंग में रुचिर अपना एक प्रजेंटेशन लेकर आए थे। इसमें उन्होंने क्रिकेट को कैसे बेहतर किया जा सकता है यह बताया। जहां तक बात आरसीए अध्यक्ष पद की है, उस पर चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों पर सुविधाएं मुहैया करवाकर ग्रास रुट लेवल से क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारा जासकता है।
उधर मीटिंग के बाद शाम को रुचिर आरसीए के कोच अब्दुल सईद के घर भी गए। सईद की हाल ही में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। रुचिर ने सईद परिजनों को ढांढस बंधाया और पिता ललित मोदी का एक पत्र सईद के परिजनों को सौंपा।