निक्कर में पथ संचलन और शाखाओं में अभ्यास करते आरएसएस के स्वयंसेवकों की तस्वीर अब बीते समय की बात हो जाएगी, जल्द ही आरएसएस के स्वयंसेवक फुल पैंट में दिखाई देंगे। इसके लिए राजस्थान के भीलवाडा में आठ कंपनियों को दस लाख पैंट बनाने के आर्डर दिए गए हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है। भूरे रंग की पैंट को तैयार करने का काम भीलवाडा में कई जगहों पर चल रहा है।
बता दें कि मार्च महीने में नागौर में हुई संघ की राष्ट्रीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में बदलते दौर में युवाओं को संघ से जोड़ने के लिए संघ की वेशभूषा में बदलाव की बात चली थी। चर्चा के दौरान संघ की पहचान बन चुके खाकी निक्कर में बदलाव करने पर सहमति बनी थी।
निक्कर की बजाय भूरे रंग की पैंट को हरी झंडी दी गई थी। संघ की ओर से यह ड्रेस अपने स्वयंसेवकों को वितरित की जाएगी। राजस्थान के भीलवाड़ा में संघ की यह नई ड्रेस तैयार की जा रही है। भीलवाड़ा की रिको 4 फेज की आठ कपड़ा फैक्ट्रियों में दस लाख पैंट तैयार की जा रही हैं।
खास बात ये है कि सभी फैक्ट्रियां संघ से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ही हैं। संघ का निक्कर भी पहले यहीं पर सिलकर देशभर में वितरित होता था। बताया जाता है एक पैंट के तैयार होने पर 200 से 300 रुपये तक का खर्चा आएगा।