राजस्थान के सीकर के बिजारणिया की ढाणी में 25 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार मासूम बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया। इसके लिए बचाव दल को खासी मशक्कत करनी पड़ी। मासूम बच्चे को सकुशल देख परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई और मां उसे गले लगाकर रो पड़ी। बोरवेल से बच्चे को निकालने के बाद प्रशासन ने मासूम को एंबुलेंस से तुरंत अस्पताल भेजा।
बचाव अभियान के दौरान बच्चे के माता-पिता और बहन कैमरे पर देखकर रातभर उसे आवाज लगाते रहे। मासूम बच्चा 50 फीट गहरे बोरवेल में फंसा था। बचाव दल की टीम ने करीब 50 फीट तक खुदाई की।
50 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था मासूम
गुरुवार देर शाम से एसडीआरएफ सहित अन्य बचाव दल रेस्क्यू अभियान चला रहे थे। बचाव दल की टीम ने बोरवेल में टोकरी लटका कर मासूम रविन्द्र को ऊपर लाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। चार साल का मासूम टोकरी की रस्सी पकड़ लेता था पर उस पर चढ़ नहीं पाता था। उधर, बचाव दल की टीम बोरवेल के पास खुदाई कर एक सुरंग बनाने में लगी रही। 50 फीट गहरे बोरवेल तक पहुंचने के लिए टीम ने खुदाई का काम लगातार किया।
टीम ने पाइप से पहुंचाई ऑक्सीजन
बचाव दल की टीम ने बच्चे तक पाइप के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई। उसे खाने के लिए बिस्किट भी दिए गए। बच्चे के परिजन उससे लगातार बात भी कर रहे थे। बच्चे के बोरवेल में गिरने के बाद से उसके माता-पिता और बहन का बुरा हाल था।
मौके पर मौजूद है तमाम अधिकारी
घटना स्थल पर दांतारामगढ़ विधायक चौधरी वीरेन्द्र सिंह, कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी, एडीएम धारा सिंह मीणा, एसपी कुंवर राष्ट्रदीप, एसडीएम राजेश मीणा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधी मौके पर मौजूद हैं।
गुरुवार शाम चार बजे बोरबेल में गिरा था मासूम
दरअसल, खाटूश्यामजी थाना इलाके के बिजारणियां की ढाणी में लक्ष्मणराम जाट के खेत में बोरवेल की खुदाई हुई थी। गुरुवार शाम चार बजे चार साल का रविन्द्र खेलते-खेलते उसमें गिर गया। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मासूम को 50 फीट गहरे बोरवेल से निकालने का अभियान शुरू किया गया।