राजस्थान के उदयपुर जिले की पोक्सो कोर्ट का एक फैसला राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोर्ट ने दुष्कर्म से जुड़े एक केस में पीड़ित युवती को ही सजा सुनाई है। बयान से पलटने का दोषी मानते हुए कोर्ट ने उसे तीन महीने का कारावास और 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 19 साल की युवती उदयपुर के अंबामाता थाना इलाके की रहने वाली है। पिछले साल मई में युवती ने नवीन कुमार नाम के व्यक्ति पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि आरोपी ने पेय पदार्थ में नशीली दवा पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान आरोपी ने उसका वीडियो भी बना लिया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
जानकारी के अनुसार दो बार दिए गए बयान में युवती ने आरोपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, लेकिन तीसरी बार वह अपने बयान से पलट गई। उसने अदालत में झूठा शपत्र पत्र भी दाखिल कर दिया था। बताया जा रहा है कि युवती ने पूरा दोष पुलिस के ऊपर ही डाल दिया। अदालत ने युवती को झूठे केस में फंसाने का दोषी मानते हुए सजा सुना दी। हालांकि, अदालत ने युवती को हाईकोर्ट से जमानत कराने के लिए एक महीने का समय दिया है। इस दौरान युवती को जमानत नहीं मिली तो उसे जेल जाना पड़ेगा।