अजमेर उत्तर से विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने गार्गी पुरस्कार योजना को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। देवनानी ने कहा कि इसमें 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं को पुरुस्कृत किया जाता है लेकिन इस बार सरकार ने प्रतिशत का दायरा बढ़ाकर 90 कर दिया है। इससे करीब 4 लाख 30 हजार बालिकाएं इस पुरस्कार से वंचित हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने वाली बालिकाओं की संख्या 6 लाख 65 हजार है। जबकि 90 प्रतिशत से ज्यादा हासिल करने वाली बालिकाओं की संख्या केवल 2 लाख 35 हजार ही है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि जो मानदंड पहले से ही चल रहा था, उसे ही लागू रखा जाए।
देवनानी ने कहा कि ईडी से जांच के बाद राजीव स्टडी सर्कल के संरक्षक सुभाष गर्ग से लेकर मुख्यमंत्री तक के नाम सामने आ सकता है। राज्य सरकार की एसओजी जांच कर रही है, लेकिन चेयरमैन डीपी जारोली से अब तक पूछताछ नहीं हुई है। ईडी जांच कर रही है और सरकार को चाहिए कि दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए सीबीआई से जांच कराए।
अजमेर प्रशासन मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में विफल
देवनानी ने कहा कि मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अजमेर प्रशासन और सरकार पूरी तरह विफल साबित हुए है। पानी पूरा नहीं मिल रहा है और जीवन जीना मुश्किल हो गया है। बीसलपुर में पूरा पानी है लेकिन वितरण व्यवस्था गड़बड़ है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसी प्रकार जनता बिजली कटौती से परेशान है।