राजस्थान में आमेर के सराय बावड़ी क्षेत्र में बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे चार नकाबपोश बदमाश 17 वर्षीया बालिका को घर से उठाकर जंगल में ले गए।
चारों ने सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश की, लेकिन बालिका ने विरोध किया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से उसका हाथ आठ जगह से चीर दिया। बालिका जैसे-तैसे घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई।
पुलिस ने दर्ज नहीं किया मामला
घटना के पांच घंटे बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस के नहीं आने पर क्षेत्र में तनाव फैल गया। आधी रात को पीडि़ता के घर के बाहर सैकड़ों लोग बदमाशों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जमा हो गए। पीडि़त पक्ष ने पथराव शुरू किया, जिससे आधा दर्जन लोग घायल हो गए। विरोध को देखते हुए पांच थानों की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। देर रात तक न एफआईआर दर्ज हुई थी, न ही किसी की गिरफ्तारी।
लड़की ने पहचाने आरोपी
बालिका ने चार नकाबपोश बदमाशों में से दो के नकाब हटने पर उन्हें पहचान लिया। बालिका ने उनके नाम रवि और सुरेश बताए हैं। वारदात दिल्ली रोड स्थित सरायबावड़ी क्षेत्र की है। यहीं रहने वाले कैलाश कबाड़ी उर्फ रवि, सुरेश और दो अन्य युवक बालिका को उठा ले गए थे।
मामला आपसी झगड़े का
डीसीपी (नॉर्थ) महेंद्र चौधरी के मुताबिक मामला आपसी झगड़े का है। बालिका के बयानों की जांच की जा रही है। इसके बाद ही कार्रवाई होगी।