शहर के सरकारी अस्पताल में हुई एक प्रसूता की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर कानूनी कार्रवाई की मांग की और शव उठाने से इंकार कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर आबूरोड सदर पुलिस थानाधिकारी हरचंदराम देवासी अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकरियों की समझाइश दी।
मामले में आबूरोड के रेडवाकला निवासी मगनलाल पुत्र अमृतलाल गरासिया ने रिपोर्ट में बताया कि गत 28 दिसं. उसकी बहन सोनिया पत्नी मोतीलाल गरासिया को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। अगले दिन 29 दिसं. को उसकी बहन ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, जिनकी अस्पताल में मौत हो गई थी। उसके बाद अस्पताल प्रभारी डॉ. पी.एन. गुप्ता एवं सहयोगी कर्मचारियों ने लापरवाही बरतते हुए सोनिया को प्रसव अवधि से पूर्व ही छुट्टी दे दी। इससे उसकी मौत हो गई।
मामले में अस्पताल प्रभारी का कहना है कि यह मामला गुरुवार का है डिलीवरी से पूर्व ही बच्चों की मौत हो गई थी। मृतका की मौत शुक्रवार देर रात साढ़े तीन बजे बाद हुई है। रात को जब राउंड पर आए तब तक उसका बीपी, सीबीसी एवं अन्य जांचें सही थीं। ऐसे में इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप निराधार है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इसके साथ ही उनकी मांग के अनुसार मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।