स्वर्ण नगरी के नाम से विख्यात राजस्थान का जैसलमेर जिला मुख्य पर्यटक स्थल होने के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्व रखता है। रेलवे विभाग ने अमृत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के विकास का बीड़ा उठाया है। जिसके तहत 40 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तक एंसिलरी बिल्डिंग का लगभग 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता अनुसार महाप्रबंधक श्री अमिताभ के निर्देशन में जैसलमेर स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य प्रगति पर है। स्टेशन की मुख्य इमारत का कार्य 31 दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी के साथ स्टाफ क्वार्टर, एमसीओ, पार्सल, क्रू लॉबी एवं अन्य विभाग की बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। स्टेशन पुनर्विकास के लिए निर्धारित लक्ष्य 25 अक्टूबर 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।
जैसलमेर स्टेशन पर लगभग 48000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकास किया जायेगा। स्टेशन पर 8327 वर्गमीटर क्षेत्र में मुख्य स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण किया जायेगा। स्टेशन के पुनर्विकास में राजस्थानी हैरिटेज और आधुनिकता के समावेश से इसे आकर्षक बनाया जाएगा। मुख्य स्टेशन बिल्डिंग में लिफ्ट व एस्केलेटर की सुविधा, फुट ओवर ब्रिज, अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित वेटिंग रूम, शॉपिग कॉम्पलेक्स, एग्जीक्यूटिव लाउंज, उन्नत व मानक स्तर की लाइटिंग, फूड कोर्ट इत्यादि का प्रयोजन रखा गया है।
इसके साथ ही स्टेशन पर पर्याप्त व सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा के साथ ही अनुकूल आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वर्ण नगरी के नाम से विख्यात जैसलमेर शहर में स्थित जैसलमेर स्टेशन का संपूर्ण पुनर्विकास इसकी भव्य एवं आकर्षक बिल्डिंग को देखने से नजर आएगा।
स्टेशन पुनर्विकास में ऊर्जा खपत में कमी के लिए ग्रीन बिल्डिंग आधारित सुविधाएं होंगी, जो नवीनीकरणीय ऊर्जा के साथ कचरे का उचित निस्तारण, वर्षा जल संचयन आदि जैसे संसाधनों से युक्त होगी। स्टेशन पर हरित और पर्यावरण अनुकूल सौर ऊर्जा प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।
स्टेशन पुनर्विकास कार्य पूरा होने पर देशभर से जैसलमेर आने वाले पर्यटकों को अनेक आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही सामरिक महत्व का स्टेशन होने से सेना के जवानों को भी कार्यस्थल पर आवागमन के लिये आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।