राजस्थान में सिरोही जिला मजिस्ट्रेट डॉ. भंवरलाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा नौ अक्टूबर को घोषित कार्यक्रमानुसार राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए निर्वाचन की गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी है। इस चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाना है। ऐसे में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने और मतदाताओं को किसी प्रकार से भयभीत तथा प्रलोभित नहीं किया जा सके, इसके लिए सिरोही जिले की राजस्व सीमा में निषेधाज्ञा लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि पूरे जिले में कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ, ज्वनशील पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-जैसे-रिवॉल्वर, पिस्तौल, राइफल, बीएल गन, एमएल गन आदि और तेज धार वाले हथियार जैसे-गंडासा, फरसा, तलवार, भाला, लाठी, चाकू, कृपाण, बरछी, तीर-कमान आदि को लेकर सार्वजनिक स्थानों, सभाओं, जुलूस, वाहनों आदि में लेकर नहीं घूमेगा, न ही इसका प्रदर्शन करेगा। जिले के बाहर का कोई भी व्यक्ति जिले की सीमा में उपरोक्त किस्म के हथियार को अपने साथ नहीं लाएगा, न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग और प्रदर्शन कर सकेगा। इसके अलावा मतदान के सात दिन पहले से मतगणना दिवस तक असामाजिक तत्व द्वारा किसी भी प्रकार के वाहनों में हथियारों की आवाजाही न हो इसको सुनिश्चित किया जाएगा। सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार विषयान्तर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। वहीं, वे व्यक्ति जो दिव्यांगजन या अति वृद्ध हैं, जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं। वे लाठी का प्रयोग सहारा लेने के लिए कर सकेंगे। साथ ही वे व्यक्ति जिन्हें जिला मजिस्ट्रेट के विशेष आदेश के द्वारा उक्त प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कोई भी जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा और न ही संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग किया जाएगा। ध्वनि प्रसारण यंत्रों के लिए अनुमति संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रातः छह बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रसारण यंत्र के उपयोग हेतु दी जा सकेगी। ऐसे आयोजनों में कोई इस प्रकार का कृत्य नहीं करेगा, जिससे यातायात व्यवस्था, जन व्यवस्था और जनशांति भंग हो। यह प्रतिबंध बारात और शवयात्रा पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भाव को ठेस पंहुचाने वाले और उत्तेजक नारे नहीं लगाएगा। न ही ऐसा कोई भाषण और उद्बोधन देगा। न ही ऐसे किसी पम्फलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवाएगा, वितरण करेगा या करवाएगा। वहीं, न ही वह किसी एम्पलीफायर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, आडियो-विडियो केसेट या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार से प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवाएगा। ऐसे कृत्यों के लिए न ही किसी को दुष्प्ररित करेगा। कोई भी व्यक्ति चुनाव प्रचार के दौरान किसी अन्य के निजी जीवन के बारे में आपत्तिजनक भाषण, प्रचार-प्रसार अवांछित टीका टिप्पणी नहीं करेगा और न ही करवाएगा।
कोई भी व्यक्ति या संस्था इंटरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेजबुक, ट्यूटर, वाट्सएप और यूटूब आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार संबंधी संदेश प्रसारित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक और राजकीय संपत्तियों पर किसी तरह का नारा-लेखन या प्रति-चित्रण नहीं करेगा, न ही करवाएगा और न ही किसी तरह के पोस्टर होर्डिंग्स आदि लगाएगा और न ही सार्वजनिक संपत्तियों का विरूपण करेगा/करवाएगा। इसके अलावा वह किसी भी निजी संपत्ति का उक्त प्रयोजनार्थ उपयोग उसके स्वामी की लिखित पूर्वानुमति के बिना नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करवाएगा अथवा न ही मदिरा सेवन हेतु दुष्प्रेरित करेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा और न ही इस हेतु किसी को दुष्प्रेरित करेगा। सूखा दिवस पर मदिरा विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति, समूह, समुदाय, संगठन और राजनितिक दल आदि चुनाव प्रचार या प्रसार के लिए वाहनों से यातायात बाधित नहीं करेगा/न ही करवाएगा। संबंधित रिटर्निंग अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति ध्वनि प्रसारण यंत्र लगे किसी भी प्रकार के वाहन का प्रयोग नहीं करेगा/न ही करवाएगा।
साथ ही निर्वाचन से संबंधित समस्त प्रकार के आयोजन यथा जूलूस/सभा/पदयात्रा/डोर-टू-डोर संपर्क आदि जैसे आयोजन/कार्यक्रम जिनमें मानव संगम (भीड़) संभावित हो, संबंधित रिटर्निंग अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। अनुमतियां संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी से ली जाएगी।
किसी भी मंदिर, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरिजाघरों या अन्य धार्मिक स्थानों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति मतदान दिवस के मतदान केंद्र से और मतगणना दिवस पर मतगणना केंद्र से दो सौ मीटर की परिधि के अन्दर किसी भी तरह के मोबाइल फोन, सेल फोन, वायरलेस का उपयोग नहीं करेगा, न ही लेकर चलेगा। यह प्रतिबंध चुनाव डयूटी में लगे पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। मतदान के दिवस मतदाताओं को वाहनों से मतदान केंद्रों तक ले जाने और वहां से वापस लाने पर पूर्णतः रोक रहेगी। कोई भी व्यक्ति किसी मतदाता को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के उसके विधिक अधिकार के प्रयोग में किसी प्रकार से बाधा नहीं डालेगा। यह आदेश तत्काल लागू होकर प्रभावशील होगा। इस आदेश की अवहेलना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली वीसी के जरिए बैठक
भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा राजस्थान विधानसभा चुनाव, 2023 के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक जारी रहेगी। इसी संदर्भ में सोमवार को आदर्श आचार संहिता लागू होते ही शाम कलैक्ट्री परिसर में स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र के हॉल में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. भंवरलाल की अध्यक्षता में रिटर्निंग अधिकारियों और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारी अधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों की वीसी के जरिए निर्वाचन विभाग से प्राप्त निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने एवं निर्वाचन कार्यों की तैयारियों के संबंध में बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. भास्कर विश्नोई ने विभिन्न प्रकोष्ठ प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा की। साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता पालना के संबंध में ब्लॉक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सिरोही रिटर्निंग अधिकारी ने राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक ली
विधानसभा 146 के समस्त राजनीतिक दलों को चुनाव संबंधित प्रक्रिया एवं आदर्श संहिता की जानकारी व चुनाव संबंधित अनुमति प्राप्त करने की जानकारी एवं मतदाता सूची प्राप्त करने के संबंध में सिरोही रिटर्निंग अधिकारी सीमा खेतान की अध्यक्षता में उनके कक्ष में राजनैतिक दलों की बैठक आयोजित हुई।