फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: ग्रीन सिंगल होने पर भी लोको पायलट नाश्ता लेने के लिए रोकता है ट्रेन, फाटक पर लगा रहता है जाम

Fri, 25 Feb 2022 10:46 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

नियमों के अनुसार किसी भी ट्रेन को स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, लोको पायलट या रेलवे के अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपनी मर्जी से नहीं रोक सकते। इसके लिए रेलवे कंट्रोल से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन राजस्थान के अलवर में इस तरह का कोई नियम लागू नहीं होता। ट्रेन का लोको पायलट नाश्ता लेने के लिए अपनी मर्जी से ट्रेन रोक देता है। मामला सामने आने के बाद रेलवे ने पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। 
विज्ञापन
इस तरह ट्रेन रोककर नाश्ता लेते थे रेलवे कर्मचारी। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्रीन सिंगल होने पर ट्रेन किसी के लिए नहीं रुकती, कभी रोकने की नौबत भी आ जाए तो अचानक से उसके ब्रेक नहीं लगते हैं। इस कारण आपने कई सारे हादसे होते देखे होंगे या फिर सुने होंगे, लेकिन राजस्थान के अलवर में इस तरह की सारी बांते धरी की धरी रह जाती हैं।

विज्ञापन


हां...ये एकदम सच है, यहां एक पैसेंजर ट्रेन का पायलट नाश्ते में कचौड़ी खाने के लिए दाउदपुर फाटक पर रोज ट्रेन रोक देता है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, अलवर जंक्शन से दिल्ली की ओर जाने वाली रेल मार्ग पर स्टेशन से कुछ दूरी पर दाउदपुर रेलवे फाटक है। यहां भिवानी अलवर मथुरा पैसेंजर ट्रेन का लोको पायलट हर दिन नाश्ते के लिए रेलगाड़ी रोकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने मामला सामने आने के बाद दो लोको पायलट, दो गेटमैन और एक इंस्ट्रक्टर को निलंबित कर दिया है।

पहले हो रहती थी पूरी प्लानिंग
ट्रेन के आने से पहले फाटक के पास मौजूद एक दुकान से लोको पायलट और अन्य कर्मचारियों के लिए नाश्ता लिया जाता है। दुकान का कर्मचारी फाटक पर तैनात रेलवे कर्मी को नाश्ते का पैकेट देता है। इसके बाद ट्रेन रुकने पर उसमें मौजूद एक कर्मचारी को दे देता है। नाश्ता लेने के बदले वह कर्मचारी को पैसे देता और फिर ट्रेन हॉर्न मारते हुए चलने लगती है। इस तरह ट्रेन रुकने के कारण शहर के बीच स्थित दाउदपुर फाटक पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बताया जा रहा है कि पायलट की मनमानी काफी लंबे समय से चल रही थी। 
विज्ञापन


क्या कहता है ट्रेन रोकने का नियम 
नियमों के अनुसार किसी भी ट्रेन को स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, लोको पायलट सहित रेलवे के अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपनी मर्जी से नहीं रोक सकते। ट्रेन के आने और जाने की जानकारी रेलवे कंट्रोल को देनी पड़ती है। किसी हादसे या अन्य कारणों से ट्रेन को रोकने के लिए कंट्रोल रूम से अनुमति लेनी पड़ती है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें