रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक दिल्ली-जयपुर रूट के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में एक बहुत महत्वपूर्ण और बड़ा टेक्नीकल बदलाव करना पड़ा है। वंदे भारत की राजस्थान को समर्पित ट्रेन पर हाईराइज पेंटोग्राफ लगाए गए हैं। जो इस ट्रेन को अतिरिक्त ऊंचाई देती है, ताकि रेल ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन के ऊपर की ओवरहेड बिजली की लाइनों की सहायता से पेंटोग्राफ बिजली इकट्ठा कर ट्रेन को चला सके।
क्या होता है पेंटोग्राफ ?
अजमेर-जयपुर-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन में स्पेशल पेंटोग्राफ लगाया गया है। पेंटोग्राफ इलेक्ट्रिक ट्रेनों की छत पर लगा एक ऐसा डिवाइस होता है, जो ओवरहेड लाइन की सहायता से बिजली इकट्ठा
करता है। वंदे भारत एक्सप्रेस में हर दूसरी बोगी की छत पर एक पेंटोग्राफ होता है। लेकिन दिल्ली-जयपुर रूट पर बिजली के तारों की ऊंचाई ज्यादा है। इसलिए इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने
दिल्ली-जयपुर रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए लंबे पेंटोग्राफ का इस्तेमाल किया है। जो इसे हाईराइज बनाती है।
दुनिया की पहली 7.2 मीटर हाई-राइज ट्रेन सेट उपलब्धि
दिल्ली-जयपुर-अजमेर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन स्पेशल इसलिए भी है क्योंकि यह देश की पहली हाइराइज नई वंदे एक्सप्रेस ट्रेन है। इस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने दुनिया की पहली
7.2 मीटर हाई-राइज ट्रेन सेट की उपलब्धि हासिल की है। जो इसे अन्य वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से अलग बनाती है।
राजस्थान में हाईराइज पेंटोग्राफ का बदलाव क्यों ?
इसकी वजह यह है कि दिल्ली-जयपुर रूट पर पहले से डबल-डेकर ट्रेन चलती है। जिसकी वजह से इस रूट पर इलेक्ट्रिसिटी वायर्स की ऊंचाई ज्यादा है। अब तक चलाई गई अन्य वंदे भारत ट्रेनों के साथ इस तरह की समस्या नहीं थी। यही वजह है कि रेलवे को दिल्ली-जयपुर रूट के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में बदलाव करना पड़ा है। यह जरूरी बदलाव नहीं किया जाता, तो ट्रेन को बिजली की सप्लाई नहीं मिल पाती। छोटे पेंटोग्राफ ओवरहेड लाइनों से बिजली लेने के लिए उन्हें छू नहीं पाते और इलेक्ट्रिक ट्रेन चल ही नहीं पाती।
अभी जयपुर-अजमेर रूट पर कई और बदलाव होने बाकी
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पिछले दिनों वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लेने जयपुर गए थे। उन्होंने बताया था कि इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन को चलाने के लिए कुछ जरूरी बदलाव करने की जरूरत है। जिस पर काम चल रहा है। दिल्ली, जयपुर, अजमेर रूट पर कुछ किए जाने हैं। सबसे पहले इस रूट पर मौजूद ट्रैक में कुछ बदलाव करके इस ट्रेन की स्पीड बढ़ाई जाएगी। डबल डिस्टेंट सिग्नलिंग सिस्टम लगाने और कुछ घुमावों को हटाने के बाद इस ट्रैक पर वंदे भारत ट्रेन 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की बजाय 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हाई स्पीड से दौड़ सकेगी। कैरिज और वैगन अनुरक्षण डिपो को भी कुछ टास्क दिए गए है। इस ट्रेन का मेंटीनेंस भी राजस्थान में होगा। रूट पर इलेक्ट्रिफिकेशन वर्क को बेहतर बनाने, स्टेशन रि-डेवलपमेंट करने, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी, यात्री ट्रेनों के टाइम टेबल की पालना, प्लेटफॉर्म तय करना, ट्रैक मेंटीनेंस वर्क, हाईलेवल प्लेटफार्म का रखरखाव जैसे काम किए जाने हैं।
IRCTC करेगा ऑनबोर्ड कैटरिंग, राजस्थानी व्यंजन परोसे जाएंगे
इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन ने IRCTC को ऑनबोर्ड कैटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत पैसेंजर्स को ट्रेन में राजस्थानी फूड आइटम जैसे- दाल-बाटी-चूरमा, प्याज की कचौड़ी, जोधपुरी गट्टा पुलाव समेत कई तरह के व्यंजन भी परोसे जाएंगे। जिसके लिए पैसेंजर्स को अलग से मेन्यु वाइज पेमेंट करना होगा।