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राजस्थान: दिवाली से पहले सुधरेंगी मूलभूत सुविधाएं, मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने दिया 100 दिन का रोडमैप

Mon, 05 Oct 2026 10:05 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई शहरी सरकारों के लिए 100 दिन का रोडमैप तय किया। दिवाली से पहले सड़क, सफाई, कचरा संग्रहण, स्ट्रीट लाइट और सीवरेज व्यवस्था सुधारने के साथ वित्तीय मजबूती और भ्रष्टाचार पर सख्ती के निर्देश दिए गए।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली बढ़त के बाद राज्य सरकार ने नई शहरी सरकारों के लिए कामकाज का एजेंडा पूरी तरह तय कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को नवनिर्वाचित महापौरों, सभापतियों और अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद किया और अगले 100 दिन का विस्तृत रोडमैप सबके सामने रखा।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब सभी जनप्रतिनिधियों की असली परीक्षा शहरों में दिखने वाले वास्तविक बदलाव से होगी। उन्होंने सभी निकाय प्रमुखों को निर्देश दिए कि अगले 100 दिनों में राजस्थान के शहरों की सूरत पूरी तरह बदलनी चाहिए और आमजन को विकास का सीधा अनुभव होना चाहिए।

नियमित भ्रमण, बेहतर समन्वय
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय प्रमुखों को दिवाली से पूर्व ही अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई, कचरा संग्रहण, स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने, सीवरेज व्यवस्था, नालियों की सफाई, रंग-रोगन और शहरों के सुंदरीकरण से जुड़े तमाम कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के पश्चात यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी के सामने अब इस चुनावी जीत को धरातल पर जमीनी काम में बदलने की एक बड़ी चुनौती है।
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मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरंतर बेहतर समन्वय बनाने और संचालित विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकाय में प्राप्त हुआ प्रतिनिधित्व केवल एक पद नहीं है, बल्कि यह जनसेवा के लिए मिला एक मिशन है। जनता ने विकास की आकांक्षा के साथ नई शहरी सरकारों का चुनाव किया है, इसलिए उन्हें परिवर्तन स्पष्ट रूप से महसूस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पार्षदों से अपने वार्ड की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे शहर के सर्वांगीण विकास की सामूहिक सोच के साथ काम करने का आह्वान भी किया।

वित्तीय मजबूती और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख
बैठक में मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की कमजोर होती वित्तीय स्थिति को लेकर भी गंभीर संकेत दिए। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने और कुशल वित्त प्रबंधन पर विशेष जोर देने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि निकायों के प्रशासनिक कामकाज में पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी होनी चाहिए तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि जब तक स्थानीय प्रशासनिक निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होगा, तब तक विकास की गति को तेज नहीं किया जा सकता। इसलिए निकायों को अपने राजस्व के साधन बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के प्रयास लगातार करने होंगे।

जनकल्याणकारी योजनाएं और विकसित वार्ड अभियान
राज्य सरकार द्वारा शहरी विकास के संदर्भ में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के 188 नगरीय निकायों में एफएसटीपी और निशुल्क डीस्लजिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही शहरों के सुनियोजित विकास को नई गति देने के उद्देश्य से 'विकसित वार्ड अभियान' भी संचालित किया गया है।

बैठक में राज्य के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा तथा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास समेत संबंधित विभागों के तमाम उच्च अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। वहीं, राज्यभर के उप महापौर, सभापति, उप सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस संवाद कार्यक्रम से जुड़े।
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